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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के भीतर दुश्मन के इलाके में चलाए गए एक ऐसे सैन्य मिशन की सफलता का ऐलान किया है, जिसने युद्ध के इतिहास में वीरता की नई इबारत लिख दी है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) के तहत अंजाम दिए गए इस बेहद जटिल और खतरनाक मिशन में एक घायल अमेरिकी अधिकारी को बचाने के लिए अमेरिका ने अपनी पूरी वायुशक्ति झोंक दी। राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस मिशन को सैन्य इतिहास का "सबसे साहसी बचाव अभियान" करार दिया है।

ईरान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ F-15 फाइटर जेट, पहाड़ियों में फंसा अधिकारी

राष्ट्रपति ट्रम्प के अनुसार, गुरुवार देर रात ईरान के हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान तकनीकी खराबी या हमले के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार दो क्रू मेंबर्स में से पायलट को तो तुरंत एक हेलीकॉप्टर द्वारा निकाल लिया गया, लेकिन असली चुनौती 'वेपन सिस्टम ऑफिसर' (WSO) को लेकर थी। वह पायलट से कई किलोमीटर दूर एक दुर्गम पहाड़ी इलाके में उतरा था, जो ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और स्थानीय उग्रवादियों से घिरा हुआ था।

155 विमानों का घेरा: आसमान से ईरान को दहलाने की तैयारी

घायल अधिकारी को बचाने के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प ने "किसी को पीछे न छोड़ने" (No Man Left Behind) के अमेरिकी आदर्श वाक्य को दोहराते हुए हर संभव प्रयास के आदेश दिए। इसके बाद जो हुआ, उसने दुनिया को दंग कर दिया। दूसरे बचाव अभियान में कुल 155 लड़ाकू विमानों को एक साथ उतारा गया, जिनमें शामिल थे:

64 लड़ाकू विमान (Fighters)

4-B बमवर्षक विमान (Bombers)

48 ईंधन भरने वाले टैंकर (Refuelers)

13 विशेष बचाव विमान

दुश्मन की भारी गोलीबारी के बीच यह अभियान दिनदहाड़े करीब सात घंटों तक चला। अमेरिकी विमानों ने बेहद कम ऊंचाई पर उड़कर दुश्मन के दांत खट्टे कर दिए।

जख्मी हालत में पहाड़ों पर चढ़ा जांबाज, तकनीकी उपकरणों को किया नष्ट

ट्रम्प ने बताया कि घायल अधिकारी ने अदम्य साहस का परिचय दिया। गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद वह पहाड़ियों पर चढ़ता रहा और अपने पास मौजूद 'लोकेशन ट्रांसमीटर' से अमेरिकी बेस को सिग्नल भेजता रहा। वहीं, ज़मीनी हालात इतने खराब थे कि कुछ भारी सैन्य उपकरणों को वापस लाना संभव नहीं था। ऐसे में ट्रम्प ने आदेश दिया कि दुश्मन के हाथ अमेरिकी तकनीक न लगे, इसलिए उन उपकरणों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

ट्रम्प की चेतावनी: "एक ही रात में तबाह कर सकते हैं पूरा देश"

मिशन की सफलता का जश्न मनाते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान और अन्य शत्रुओं को कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, "अमेरिका के पास वह शक्ति है कि वह एक ही रात में किसी भी देश को नक्शे से मिटा सकता है और वह रात कभी भी आ सकती है।" उन्होंने इस मिशन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह ऑपरेशन आने वाली पीढ़ियों के लिए सैन्य प्रशिक्षण का हिस्सा बनेगा।

सैन्य इतिहास का सबसे जोखिम भरा फैसला

राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि एक सैनिक को बचाने के लिए 100 अन्य सैनिकों की जान जोखिम में डालना एक कठिन निर्णय था। लेकिन उन्होंने सेना की क्षमता पर भरोसा जताया। भारी गोलीबारी और ईरानी हवाई सुरक्षा के बीच अमेरिकी टीम ने बिना किसी बड़े नुकसान के अपने दोनों जांबाज योद्धाओं को सुरक्षित वापस लाकर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी है।