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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र में आज उस वक्त अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई, जब सदन की मर्यादा ताक पर रख दी गई। ईरान-इजरायल युद्ध की गूँज घाटी की विधानसभा में साफ सुनाई दी। सत्र शुरू होते ही नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के विधायकों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की तस्वीरें और समर्थन में बैनर लहराए। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस-NC विधायकों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों को बीच-बचाव के लिए उतरना पड़ा।

ईरान प्रेम बनाम 'जम्मू के लिए न्याय': सदन बना अखाड़ा

बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक काले कपड़े पहनकर और माथे पर विरोध के संदेश लिखकर सदन में पहुंचे। उन्होंने और उनके साथियों ने अयातुल्ला खामेनेई की तस्वीरें प्रदर्शित करते हुए 'इजरायल मुर्दाबाद' के नारे लगाए। इसके जवाब में भाजपा विधायकों ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) के समर्थन में बैनर खोल दिए और 'जम्मू के लिए न्याय' की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते सदन का माहौल गरमा गया और दोनों पक्षों में हाथापाई की नौबत आ गई।

राहुल गांधी और पीएम मोदी पर छींटाकशी, नारेबाजी तेज

हंगामा तब और बढ़ गया जब कांग्रेस विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी शुरू की। जवाब में भाजपा विधायकों ने भी आक्रामक रुख अपनाया और राहुल गांधी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस जुबानी जंग ने सदन को अखाड़े में तब्दील कर दिया। भाजपा विधायकों ने साफ तौर पर कहा कि विधानसभा में विदेशी नेताओं की तस्वीरें प्रदर्शित करना असंवैधानिक है, जबकि विपक्षी दल इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय संवेदनाओं से जोड़कर देख रहे थे।

उमर कैबिनेट का बड़ा फैसला: विकास परियोजनाओं को हरी झंडी

हंगामे के बीच ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के आधिकारिक आवास पर कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। लगभग एक घंटे चली इस बैठक में केंद्र शासित प्रदेश के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए। सरकार ने संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए 'संस्थागत क्षमता' बढ़ाने पर जोर दिया है।

कठुआ और पम्पोर के लिए करोड़ों का बजट मंजूर

कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर के दो प्रमुख क्षेत्रों के लिए सीवरेज और जल निकासी (Drainage) परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसके तहत कठुआ के लिए 44 करोड़ रुपये और पम्पोर के लिए 24 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा कार्यान्वित होने वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्य घरेलू अपशिष्ट जल के निपटान और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करना है। सरकार का लक्ष्य है कि विवादों के बीच विकास की रफ्तार न थमे।