Prabhat Vaibhav,Digital Desk : शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया मंगलवार को पटियाला की नाभा जेल से बाहर आए। उन्हें आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। यह उनकी सात महीने की हिरासत के बाद की रिहाई है।
सुप्रीम कोर्ट की जमानत
बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले जमानत दी थी। इससे पहले पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 4 दिसंबर को उन्हें इसी मामले में जमानत देने से इनकार किया था। सुप्रीम कोर्ट की बेंच जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता ने उनकी याचिका पर राहत दी।
आय से अधिक संपत्ति का मामला
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून 2025 को मजीठिया को उनके अमृतसर स्थित घर से गिरफ्तार किया था। मामला कथित तौर पर 540 करोड़ रुपये के ड्रग्स से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़ा था।
समर्थकों का उत्साह
जेल के बाहर सैकड़ों समर्थक जमा हुए और SAD के समर्थन में नारे लगाए। फूलों की पंखुड़ियां बरसीं और मिठाइयां बांटी गईं। मजीठिया की पत्नी गनीव कौर मजीठिया भी मौजूद थीं और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और भगवान का धन्यवाद किया। उन्होंने इसे “सच्चाई की जीत” बताया।
सियासी पृष्ठभूमि
बिक्रम सिंह मजीठिया शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के बहनोई और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं।




