Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब की कानून-व्यवस्था को अत्याधुनिक और हाई-टेक बनाने की दिशा में मान सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को धूरी के लड्डा कोठी में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान पंजाब पुलिस के बेड़े में 508 नए क्विक रिस्पांस वाहन (QRVs) शामिल किए। इन आधुनिक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब राज्य के किसी भी कोने से 112 हेल्पलाइन पर कॉल करने पर पुलिस महज 6 से 7 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचेगी।
रिस्पांस टाइम आधा: 12 मिनट का इंतजार अब बीते दिनों की बात
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति के लिए वहां की पुलिस का चुस्त-दुरुस्त और तकनीकी रूप से मजबूत होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पहले आपातकालीन स्थिति में पुलिस को पहुंचने में औसतन 12 से 13 मिनट का समय लगता था, लेकिन इन 508 हाई-टेक गाड़ियों के आने से यह समय घटकर लगभग आधा रह जाएगा। यह सुधार विशेष रूप से अपराध नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित सहायता पहुंचाने में क्रांतिकारी साबित होगा।
327 करोड़ रुपये से बदला पंजाब पुलिस का चेहरा
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए जानकारी दी कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने लगभग 327 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च कर पंजाब पुलिस के वाहन बेड़े को अपग्रेड किया है। ये नए वाहन जीपीएस और आधुनिक संचार प्रणालियों से लैस हैं, जो कंट्रोल रूम से सीधे जुड़े रहेंगे। इससे न केवल पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि फील्ड में तैनात जवानों का मनोबल भी ऊंचा होगा।
'देश की बेहतरीन पुलिस फोर्स' बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री मान ने अपने संबोधन में दोहराया कि आम आदमी पार्टी की सरकार का लक्ष्य पंजाब पुलिस को देश की सबसे आधुनिक और प्रभावी पुलिस बल बनाना है। उन्होंने कहा, "हमने वादा किया था कि हम पुलिस को केवल डंडे तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि उन्हें तकनीक और संसाधनों से लैस करेंगे। आज की ये 508 गाड़ियां उसी संकल्प का हिस्सा हैं।" उन्होंने विश्वास जताया कि इन वाहनों की तैनाती से आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी।
अपराध पर नकेल और त्वरित कार्रवाई
लड्डा कोठी में आयोजित इस समागम के दौरान पुलिस अधिकारियों में भारी उत्साह देखा गया। ये क्विक रिस्पांस वाहन राज्य के सभी प्रमुख जिलों और संवेदनशील इलाकों में तैनात किए जाएंगे। आधुनिक तकनीक के साथ तालमेल बिठाते हुए पंजाब पुलिस अब किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति में 'जीरो डिले' की नीति पर काम करेगी।




