Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब के अन्नदाताओं के लिए मंगलवार की दोपहर काल बनकर आई। सुबह खिली चटक धूप को देखकर किसान अपनी गेहूं की फसल की कटाई की योजना बना रहे थे, लेकिन दोपहर 2 बजे के बाद अचानक बदले मौसम ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। फाजिल्का, मुक्तसर और आसपास के जिलों में तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने खेतों में खड़ी सोने जैसी चमकती गेहूं की फसल को बिछा दिया है। इस बेमौसम बरसात से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।
अचानक बदला मिजाज: धूप के बाद बरसे बदरा
मंगलवार सुबह तक पंजाब के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ था, लेकिन दोपहर होते-होते आसमान काले बादलों से घिर गया। फाजिल्का और मुक्तसर में 3 बजे के करीब शुरू हुई तेज बारिश करीब आधे घंटे तक लगातार जारी रही। मौसम के इस अचानक आए बदलाव ने न केवल तापमान गिराया, बल्कि उन किसानों की धड़कनें बढ़ा दीं जिनकी फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी।
पकी फसल के लिए 'जहर' है यह बारिश
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत में गेहूं की फसल अपनी सबसे संवेदनशील अवस्था में होती है। इस समय दाना पूरी तरह पक चुका होता है। ऐसे में बारिश और तेज हवाओं के कारण फसल के साथ कई समस्याएं जुड़ जाती हैं:
फसल का गिरना (Lodging): तेज हवा के कारण भारी बालियों वाली गेहूं की फसल जमीन पर बिछ जाती है, जिससे दाना काला पड़ने का डर रहता है।
गुणवत्ता में गिरावट: बारिश के पानी से गेहूं की चमक कम हो जाती है, जिससे मंडी में किसानों को सही दाम नहीं मिल पाता।
कटाई में देरी: खेतों में नमी बढ़ने से कंबाइन मशीनों का चलना मुश्किल हो जाता है, जिससे कटाई का सीजन पिछड़ सकता है।
"साहब, सब बर्बाद हो गया": किसानों का दर्द
फाजिल्का के एक स्थानीय किसान ने नम आंखों से बताया, "सुबह हमने लेबर बुला ली थी कि कल से कटाई शुरू करेंगे, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। अब अगर बारिश और हुई तो फसल के दाने खेत में ही झड़ जाएंगे या सड़ जाएंगे।" कई गांवों में ओलावृष्टि की भी खबरें हैं, जो फसल के लिए और भी ज्यादा घातक साबित हो सकती हैं।
प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान पंजाब के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि यदि फसल काट ली गई है, तो उसे तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें और फिलहाल नई कटाई शुरू करने से बचें।




