img

Prabhat Vaibhav,Digital Desk : महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक अनियंत्रित कार सड़क किनारे गहरे कुएं में जा गिरी। इस दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के 9 सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में तीन वयस्क और 7 से 14 वर्ष की आयु के 6 बच्चे शामिल हैं। यह दुर्घटना शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) की रात करीब 10 बजे दिंडोरी तालुका के शिवाजी नगर इलाके में हुई।

हादसे का घटनाक्रम: खुशी के माहौल में पसरा मातम

पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दिंडोरी तालुका के इंदौर गांव का रहने वाला 'दरगुडे परिवार' एक सामाजिक समारोह (कार्यक्रम) में शामिल होकर अपनी मारुति XL6 कार से घर लौट रहा था।

अनियंत्रित हुई कार: रात के अंधेरे में शिवाजी नगर के पास चालक ने अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार कार सड़क से उतरकर सीधे किनारे बने एक गहरे और पानी से लबालब भरे कुएं में जा गिरी।

बचाव में आई बाधा: कुआं गहरा और पानी से भरा होने के कारण कार पूरी तरह डूब गई, जिससे कार सवारों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। रात का समय होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भी काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

मृतकों की पहचान: पूरा परिवार खत्म

इस भीषण दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य थे। मृतकों की सूची इस प्रकार है:

सुनील दत्तु दरगुडे (32) - चालक/परिवार का सदस्य

रेशमा दरगुडे - सुनील की पत्नी

आशा अनिल दरगुडे (32)

छह बच्चे: मृतकों में 7 से 14 वर्ष की 5 लड़कियां और 1 लड़का (11 वर्ष) शामिल हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन और जांच

घटना की सूचना मिलते ही दिंडोरी पुलिस, स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से क्रेन के जरिए कार को कुएं से बाहर निकाला गया।

पोस्टमार्टम: सभी 9 शवों को कुएं से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिसिया जांच: दिंडोरी पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में हादसे की वजह वाहन पर नियंत्रण खोना बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या सड़क की खराब स्थिति या रात में कम दृश्यता (Visibility) भी इस त्रासदी का कारण बनी।

इलाके में शोक की लहर

एक ही झटके में पूरे परिवार के खत्म हो जाने से इंदौर गांव और पूरे दिंडोरी तालुका में शोक की लहर है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क किनारे बने असुरक्षित और खुले कुओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने पीड़ितों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और उचित जांच का भरोसा दिलाया है।