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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से में शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) की रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। दिल्ली-एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर, पंजाब के पठानकोट और चंडीगढ़ में भी धरती डोलने से हड़कंप मच गया। ऊँची इमारतों में रहने वाले लोग दहशत के मारे घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।

शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में जमीन के काफी नीचे था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई।

भूकंप की तीव्रता और प्रभाव (Quick Highlights)

समय: शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026, रात लगभग 10:19 बजे (IST)।

केंद्र (Epicenter): अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र।

तीव्रता (Magnitude): 5.9 (रिक्टर स्केल पर)।

प्रभावित क्षेत्र: दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद, चंडीगढ़, पठानकोट (पंजाब), उधमपुर, पुंछ और पूरी कश्मीर घाटी।

दहशत में आए लोग: कश्मीर से दिल्ली तक अफरा-तफरी

भूकंप के झटके कुछ ही सेकंड तक महसूस किए गए, लेकिन इनकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि कश्मीर घाटी और दिल्ली की बहुमंजिला इमारतों में पंखे और झूमर हिलने लगे।

कश्मीर: पुंछ और उधमपुर जैसे इलाकों में लोग कड़ाके की ठंड के बावजूद घरों से बाहर खुले मैदानों की ओर भागे।

दिल्ली-एनसीआर: दफ्तरों में नाइट शिफ्ट में काम कर रहे कर्मचारी तुरंत सुरक्षित स्थानों पर एकत्र हो गए। कुछ सोसायटियों में लोग सावधानी के तौर पर काफी देर तक पार्कों में जमे रहे।

राहत की बात: अभी तक किसी भी जान-माल के बड़े नुकसान या किसी इमारत के गिरने की खबर सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें (SDRF/NDRF) स्थिति पर पैनी नजर रख रही हैं।

भूकंप आने पर क्या करें? (Life-Saving Tips)

विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सही कदम उठाना जान बचा सकता है:

'ड्रॉप, कवर और होल्ड': यदि आप घर के अंदर हैं, तो फर्श पर बैठ जाएं (Drop), किसी मजबूत मेज़ या फर्नीचर के नीचे छिप जाएं (Cover) और उसे मजबूती से पकड़ लें (Hold)।

कांच से दूर रहें: खिड़कियों, शीशों, झूमर और भारी अलमारियों से दूर रहें।

लिफ्ट का प्रयोग न करें: भूकंप के दौरान बिजली कट सकती है या तकनीकी खराबी आ सकती है, इसलिए हमेशा सीढ़ियों का ही उपयोग करें।

बिस्तर पर हों तो: यदि आप सो रहे हैं, तो वहीं लेटे रहें और अपने सिर को तकिए से ढक लें।

खुले में जाएं: यदि आप बाहर हैं, तो इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर किसी खुले मैदान में चले जाएं।