Prabhat Vaibhav,Digital Desk : केरल के वायनाड के पास वंदूर इलाके में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर के काफिले पर हमले की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) की शाम को हुए इस हमले में थरूर के निजी सुरक्षाकर्मी (गनमैन) और ड्राइवर घायल हो गए हैं। हालांकि, शशि थरूर पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
घटना का घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला?
पुलिस और पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना शुक्रवार शाम लगभग 7:30 बजे चेलिथोड पुल के पास हुई। उस समय शशि थरूर एक चुनावी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे।
रास्ता रोकने की कोशिश: चेलिथोड पुल के पास सड़क काफी संकरी थी, जिससे ट्रैफिक धीमा हो गया था। इसी दौरान दो कारों में सवार पांच अज्ञात युवकों ने थरूर के काफिले को जबरन रोक लिया।
विवाद की वजह: जब थरूर के गनमैन रतीश के.पी. ने आगे खड़ी कार के सवारों से रास्ता साफ करने का अनुरोध किया, ताकि काफिला आगे बढ़ सके, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
हिंसक झड़प: देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गनमैन और ड्राइवर पर हमला कर दिया। हमले में गनमैन रतीश को चोटें आई हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और गनमैन की शिकायत के आधार पर एफआईआर (FIR) दर्ज की गई।
एक गिरफ्तार: पुलिस ने देर रात छापेमारी कर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
पहचान उजागर: पुलिस सूत्रों के अनुसार, बाकी चार आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उन पर सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने और मारपीट करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच का केंद्र: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह हमला केवल 'रोड रेज' (सड़क पर होने वाला झगड़ा) का नतीजा था या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश थी।
शशि थरूर का संदेश: "बिना किसी डर के जारी रहेगा काम"
हमले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर शशि थरूर ने अपने शुभचिंतकों को जानकारी देते हुए एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा:
"कल रात मेरे सुरक्षा गार्ड पर हुए हमले के बाद मिले सभी संदेशों और कॉल्स के लिए आप सबका धन्यवाद। वह अब सुरक्षित हैं और मुझे कोई चोट नहीं आई है। हमने कल के बाकी कार्यक्रम बिना किसी डर के और योजना के अनुसार पूरे किए।"
सुरक्षा पर उठे सवाल
चुनावी माहौल के बीच केरल जैसे राज्य में एक हाई-प्रोफाइल नेता के काफिले को इस तरह बीच सड़क पर रोकना और सुरक्षाकर्मियों पर हमला करना, सुरक्षा व्यवस्था में एक गंभीर चूक मानी जा रही है। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।




