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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड के चमोली जिले में दुनिया में मशहूर “वैली ऑफ फ्लावर्स” रेंज और नंदा देवी बायोस्फीयर रिज़र्व के जंगलों में आग फैल गई है, जिससे विभाग और स्थानीय लोग चिंता में हैं। आग इतनी तेज़ है कि दुर्लभ वन्यजीव और जैव विविधता से भरा यह क्षेत्र सीधे खतरे में आ गया है, और कठिन, चट्टानी इलाके में होने के कारण आग को तुरंत बुझाना मुश्किल साबित हो रहा है। 

यह इलाका यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का हिस्सा है और हिमालय की ऊँचाइयों के बीच फैला हुआ है। इलाके का भौगोलिक स्वरूप काफी खुरदरा और कठिन है, जिससे आग बुझाने वाली टीमें सीधे तौर पर राहत कार्य नहीं कर पा रही हैं। स्थानीय वन विभाग ने कहा है कि ट्रेकिंग मार्ग और ऊँचे पहाड़ी इलाकों में आग की चपेट तेजी से फैल रही है, हालांकि टीमें लगातार निगरानी और प्रयास कर रही हैं। 

आग फैलने के कारणों में मानवीय गतिविधियाँ और अत्यधिक सूखी वनस्पति शामिल बताई जा रही हैं, जैसा कि राज्य में जंगलों में आग लगने की घटनाओं में देखा गया है। उत्तराखंड के पिछले मौसमों में भी वनाग्नि के कई मामलों ने पर्यावरण और जैव विविधता को नुकसान पहुँचाया है, और इनसे निपटने के लिए विभाग और स्थानीय समुदायों ने मिलकर कदम उठाने की कोशिशें तेज़ की हैं। 

वन विभाग आग बुझाने के लिए तकनीकी उपकरण, हैलिकॉप्टर से पानी डालने जैसी आधुनिक व्यवस्था के साथ‑साथ स्थानीय गांवों के सहयोग की भी अपील कर रहा है। लेकिन इस आग के फैलने के कारणों और इसे नियंत्रित करने के तरीकों को लेकर विभाग कई चुनौतियों का सामना कर रहा है।