Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले ही जंगलों में आग ने वन विभाग की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के जंगलों में लगी आग सातवें दिन भी धधक रही है। वन विभाग की दो टीमें आग को निचले क्षेत्रों में फैलने से रोकने में लगी हैं, लेकिन चोटी पर लगी आग अब भी बुझ नहीं पाई है। विभाग ने कहा कि चोटी के अंतिम छोर तक पहुंचने के बाद आग प्राकृतिक रूप से बुझ जाएगी।
हेलीकॉप्टर तैनाती और विवाद
ज्योतिर्मठ सेना परिसर के हेलीपैड पर वायु सेना का एमआइ-17 हेलीकॉप्टर खड़ा है। हालांकि वायु सेना ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्होंने जंगल की आग को बुझाने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किया है, लेकिन वन विभाग ने इसे खारिज कर दिया।
केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार दुबे ने बताया कि निचले क्षेत्रों में आग को फैलने से रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में वन कर्मी और मजदूर तैनात किए गए हैं। अभी तक आग पर बमबी बकेट या एयर स्ट्राइकिंग पानी डालने का कोई काम नहीं हुआ।
आग से नुकसान और हालात
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की फूलों की घाटी रेंज और गोविंदघाट रेंज में 9 जनवरी से जंगल धू-धूकर जल रहे हैं।
सूखे पेड़ों की जलकर गिरने की जानकारी सामने आई है।
पौड़ी जिले के जामणाखाल क्षेत्र, वरुणावत पर्वत और बदरीनाथ वन प्रभाग के दशोली विकासखंड में भी आग लगी, जिसे वन विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद नियंत्रण में किया।
आग से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ और पहाड़ियों से धुएं का गुबार उठता रहा।
वन अधिकारियों की प्रतिक्रिया
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के निदेशक आकाश वर्मा और फूलों की घाटी की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने वायु सेना के सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई और कहा कि हवाई कार्रवाई अभी शुरू नहीं हुई है। उन्होंने वायु सेना के संबंधित अधिकारियों से इस पोस्ट को हटाने का अनुरोध किया।




