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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में चिलचिलाती धूप और गर्म पछुआ हवाओं ने आम जनजीवन को बेहाल करना शुरू कर दिया है। पिछले महज चार दिनों के भीतर प्रदेश के औसत तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुंदेलखंड का बांदा इलाका 42.6 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान बन गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में पारा 44 डिग्री के पार जा सकता है, जिससे लू (Heat Wave) का खतरा और गहरा जाएगा।

वाराणसी-लखनऊ में 42 डिग्री की ओर बढ़ रहा पारा

धार्मिक नगरी वाराणसी में भी गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को यहाँ का तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि 17 अप्रैल तक यह 40 डिग्री और 20 अप्रैल तक 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाएगा। हवा में नमी (आर्द्रता) घटकर मात्र 18 प्रतिशत रह गई है, जिसके कारण शुष्क हवाएं शरीर को झुलसा रही हैं। राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में भी इसी तरह के हालात बने हुए हैं।

इन 20 जिलों में 'लू' की चेतावनी

मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार, कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर बने एक 'प्रतिचक्रवात' (Anti-cyclone) के मध्य भारत की ओर खिसकने से उत्तर प्रदेश के तापमान में 3 से 4 डिग्री की और वृद्धि होगी। इसके प्रभाव से मुख्य रूप से इन जिलों में लू चलने की प्रबल संभावना है:

वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, बांदा, झांसी, और कानपुर समेत करीब 20 जिले।

एक सप्ताह तक राहत की उम्मीद नहीं

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कोई भी 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) सक्रिय नहीं है, जिसका मतलब है कि अगले एक सप्ताह तक बारिश की कोई गुंजाइश नहीं है। आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और तेज धूप का सीधा प्रहार जारी रहेगा।

बीएचयू (BHU) की एडवाइजरी: रहें सावधान

बढ़ते तापमान को देखते हुए बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान ने आम जनता के लिए विशेष स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है। जनरल मेडिसिन विभाग के प्रो. दीपक कुमार गौतम ने सुझाव दिए हैं:

दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच: सीधी धूप में बाहर निकलने से बचें।

हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी, ओआरएस (ORS), नींबू पानी और लस्सी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें।

पहनावा: बाहर निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढंकने वाले सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनें।

सावधानी: शुष्क हवाओं के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है, चक्कर आने या सिरदर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।