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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : दुनिया एक बार फिर भीषण आर्थिक मंदी और महंगाई के मुहाने पर खड़ी है। अमेरिका और ईरान के बीच गहराते विवाद ने वैश्विक तेल बाजार में आग लगा दी है। ईरान ने चीन की रणनीति अपनाते हुए कच्चे तेल की आपूर्ति को एक 'हथियार' के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद, ईरानी नेतृत्व ने सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ललकारते हुए कहा है कि जल्द ही दुनिया को पेट्रोल की बूंद-बूंद के लिए भारी कीमत चुकानी होगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान का वो 'आर्थिक ब्रह्मास्त्र' जिससे कांप रही है दुनिया

ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना शिकंजा कस लिया है। यह संकरा समुद्री रास्ता वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति की जीवनरेखा है, जहाँ से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है। ईरान ने अब इस अंतरराष्ट्रीय मार्ग को अपनी जागीर की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। अब तेहरान खुद तय कर रहा है कि कौन सा जहाज गुजरेगा और इसके लिए वह भारी 'सुरक्षा शुल्क' भी वसूलने की तैयारी में है।

ट्रंप की नाकाबंदी की धमकी और 103 डॉलर के पार पहुंचा तेल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि अगर उसने समुद्री मार्ग में बाधा डालना बंद नहीं किया, तो अमेरिका वहां समुद्र की नाकाबंदी (Naval Blockade) कर देगा। ट्रंप की इस धमकी का असर उल्टा होता दिख रहा है। बाज़ार में डर का माहौल है और ब्रेंट क्रूड की कीमतें 8% की भारी उछाल के साथ 103 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ा, तो कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

ईरान ने चला चीन जैसा दांव: सप्लाई रोककर अमेरिका को झुकाने की कोशिश

ईरान अब ठीक वैसी ही रणनीति अपना रहा है जैसी चीन ने 'रेयर अर्थ मिनरल्स' के मामले में अपनाई थी। चीन ने महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर पाबंदी लगाकर अमेरिका की तकनीक इंडस्ट्री को घुटनों पर लाने की कोशिश की थी, अब ईरान प्रतिदिन होने वाले 20 लाख बैरल तेल निर्यात को ठप कर वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाने की धमकी दे रहा है। ईरानी नेता मोहम्मद बाक़ेर ग़ालिबफ़ ने व्यंग्य करते हुए कहा, "अभी सस्ते पेट्रोल का आनंद लीजिए, जल्द ही आपको एक गैलन के लिए 4 से 5 डॉलर चुकाने होंगे।"

क्या दुनिया में आने वाली है 'महंगाई की महामारी'?

ईरान के कड़े रुख और ट्रंप की 'नो कॉम्प्रोमाइज' पॉलिसी ने खाड़ी देशों में युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बाधित रहता है, तो भारत समेत दुनिया भर के देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बेकाबू हो जाएंगी। इससे माल ढुलाई महंगी होगी और खाने-पीने की चीज़ों के दाम आसमान छूने लगेंगे। जानकारों का कहना है कि सैन्य रूप से भले ही ईरान अमेरिका से पीछे हो, लेकिन उसके पास 'तेल की नाकेबंदी' का ऐसा हथियार है जो अमेरिका की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार सकता है।