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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मध्य पूर्व में जारी खूनी संघर्ष के बीच एक सवाल पूरी दुनिया को हैरान कर रहा है—आखिर ईरान जैसा आर्थिक प्रतिबंधों से घिरा देश अमेरिका और इजरायल जैसी महाशक्तियों से 38 दिनों से सीधा मुकाबला कैसे कर रहा है? सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद भी ईरान ने घुटने टेकने के बजाय अपने हथियारों का ऐसा 'ट्रेलर' दिखाया है, जिसने पेंटागन के रणनीतिकारों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। आइए जानते हैं ईरान के उन घातक हथियारों के बारे में जो इस 'पावर गेम' के असली खिलाड़ी हैं।

1. बैलिस्टिक मिसाइलों का अभेद्य भंडार: 10,000 मिसाइलों की फौज

ईरान की सैन्य शक्ति का सबसे मजबूत स्तंभ उसकी बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के पास 6,000 से 10,000 मिसाइलों का विशाल जखीरा है।

प्रमुख मिसाइलें: 'फतेह', 'सेजल', 'सहाब-3' और 'खोर्रमशहर'।

मारक क्षमता: ये मिसाइलें न केवल इजरायली शहरों बल्कि खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी सटीकता से तबाह करने की क्षमता रखती हैं। इतनी बड़ी संख्या ने इसे दुनिया की सबसे खतरनाक मिसाइल फोर्स बना दिया है।

2. किलर ड्रोन्स: दुनिया के सबसे सस्ते और घातक शिकारी

ईरान ने आधुनिक युद्ध की परिभाषा बदल दी है। उसके शाहिद-136 (Shahed-136) और मोहजर-6 (Mohajer-6) जैसे ड्रोन्स ने दुनिया को दिखाया है कि कैसे कम लागत में बड़ा विनाश किया जा सकता है।

विशेषता: ये आत्मघाती (Kamikaze) ड्रोन्स लंबी दूरी तय कर सकते हैं और रडार की नजरों से बचकर हमला करते हैं।

कार्रवाई: दावा किया जा रहा है कि इन ड्रोन्स ने अमेरिका की अत्याधुनिक 'थाड' (THAAD) रक्षा प्रणाली तक को भेदने में सफलता हासिल की है।

3. क्रूज मिसाइलें: रडार की नजर से ओझल 'अदृश्य काल'

बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ-साथ ईरान की सौमार (Soumar) और होवजोह (Hoveyzeh) जैसी क्रूज मिसाइलें अमेरिका के लिए सिरदर्द बन गई हैं।

खासियत: ये मिसाइलें जमीन से बहुत कम ऊंचाई पर उड़ती हैं, जिससे दुश्मन के रडार इन्हें समय रहते पकड़ नहीं पाते। समुद्र में जहाजों को निशाना बनाने और जमीन पर सर्जिकल स्ट्राइक करने में ये बेहद माहिर हैं।

4. स्वदेशी एयर डिफेंस: 'बावर-373' का सुरक्षा कवच

ईरान ने केवल हमला करना ही नहीं, बल्कि खुद को बचाना भी सीख लिया है। उसने रूस की एस-300 प्रणाली के साथ मिलकर अपनी स्वदेशी बावर-373 (Bavar-373) और खोरदाद-3 प्रणालियों का एक त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र तैयार किया है। इसी रक्षा कवच की बदौलत ईरान ने हाल के दिनों में कई अमेरिकी फाइटर जेट्स और ड्रोन्स को अपनी सीमा में घुसने से पहले ही मार गिराया है।

5. 'ट्रिपल H' (HHH): ईरान की अदृश्य प्रॉक्सी सेना

ईरान की असली ताकत उसकी सीमाओं के बाहर भी है। हमास, हिज़्बुल्लाह और हौथी (Triple H)—इन तीनों संगठनों को ईरान का खुला समर्थन प्राप्त है।

हौथी: लाल सागर (Red Sea) में जहाजों के मार्ग को बाधित कर वैश्विक व्यापार को चोट पहुँचा रहे हैं।

हिज़्बुल्लाह: इजरायल की उत्तरी सीमा पर मोर्चा खोले हुए है।

ईरान इन समूहों को उन्नत हथियार, ट्रेनिंग और पैसा मुहैया कराता है, जिससे अमेरिका को एक साथ कई मोर्चों पर लड़ना पड़ रहा है।