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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : वजन घटाने की दुनिया में 'इंटरमिटेंट फास्टिंग' (Intermittent Fasting) को पिछले कुछ वर्षों में एक जादुई तरीके के रूप में पेश किया गया है। सेलिब्रिटीज से लेकर फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स तक, हर कोई इसे मोटापे का रामबाण इलाज बताता रहा है। लेकिन, हाल ही में प्रकाशित एक बड़े वैज्ञानिक विश्लेषण ने इन दावों की हवा निकाल दी है। शोध के चौंकाने वाले निष्कर्ष बताते हैं कि मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए यह तरीका वजन घटाने या जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में उम्मीद के मुताबिक असरदार नहीं रहा है।

क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग और इसके पॉपुलर तरीके?

इंटरमिटेंट फास्टिंग का अर्थ है भोजन के लिए एक निश्चित समय सीमा तय करना और बाकी समय उपवास रखना। इसके सबसे लोकप्रिय तरीकों में शामिल हैं:

16:8 डाइट: दिन के 8 घंटे भोजन करना और शेष 16 घंटे उपवास रखना।

5:2 डाइट: सप्ताह में 5 दिन सामान्य भोजन और 2 दिन बेहद कम कैलोरी (लगभग 500-600) लेना।

अल्टरनेट डे फास्टिंग: एक दिन सामान्य खाना और अगले दिन बहुत कम कैलोरी का सेवन।

2,000 लोगों पर हुई स्टडी: वजन घटाने में कोई 'खास' अंतर नहीं

शोधकर्ताओं ने लगभग 2,000 वयस्कों पर किए गए 22 अलग-अलग वैज्ञानिक अध्ययनों का गहराई से विश्लेषण किया। 12 महीनों तक चले इन अध्ययनों में इंटरमिटेंट फास्टिंग की तुलना सामान्य संतुलित आहार और कैलोरी कंट्रोल से की गई। परिणाम हैरान करने वाले थे—आंतरायिक उपवास (Intermittent Fasting) करने वालों और सामान्य संतुलित आहार लेने वालों के वजन घटाने में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया। यहाँ तक कि प्रतिभागियों के जीवन स्तर या मानसिक स्वास्थ्य में भी कोई बड़ा सुधार दर्ज नहीं हुआ।

आंतरिक स्वास्थ्य के लिए कुछ लाभ, पर शोध अभी बाकी

हालांकि वजन घटाने के मामले में परिणाम फीके रहे, लेकिन अध्ययन ने यह भी संकेत दिया कि कुछ लोगों में इससे कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी और ब्लड शुगर में सुधार देखा गया। इसके अलावा, यह आंतों के स्वास्थ्य (Gut Health) के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है कि ये लाभ अभी शुरुआती हैं और इन्हें पूरी तरह पुख्ता मानने के लिए और अधिक व्यापक रिसर्च की जरूरत है।

वेट लॉस इंजेक्शन बनाम जीवनशैली: कौन है बेहतर?

रिसर्च में 'वेगोवी' और 'मोनजारो' जैसे लोकप्रिय वेट लॉस इंजेक्शनों का भी जिक्र किया गया है। अध्ययन के अनुसार, जो लोग इन इंजेक्शनों के सहारे वजन घटाते हैं, दवा बंद करते ही उनका वजन चार गुना तेजी से वापस बढ़ जाता है। इसके विपरीत, पारंपरिक आहार और नियमित व्यायाम के जरिए कम किया गया वजन अधिक समय तक स्थिर रहता है। निष्कर्ष साफ है—चमत्कारी दावों और इंजेक्शनों के बजाय जीवनशैली में स्थायी बदलाव ही वजन घटाने का एकमात्र सुरक्षित तरीका है।