Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अगर आप भी होटल या ऑनलाइन ऐप से खाना मंगवाते समय काले प्लास्टिक के कंटेनरों (Black Plastic Containers) को सुरक्षित समझते हैं, तो यह खबर आपकी नींद उड़ा सकती है। राज्यसभा में हाल ही में उठे एक गंभीर मुद्दे ने देशवासियों को चिंता में डाल दिया है। भाजपा सांसद घनश्याम तिवारी ने सदन में खुलासा किया कि ये काले डिब्बे साधारण प्लास्टिक नहीं, बल्कि 'इलेक्ट्रॉनिक कचरे' (E-Waste) से तैयार किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि इनमें गर्म खाना रखने से जहरीले रसायन सीधे आपके पेट में पहुँच रहे हैं, जो कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक कचरे से तैयार होते हैं ये डिब्बे: रसायनों का खतरनाक कॉकटेल
रिपोर्ट्स के अनुसार, काले प्लास्टिक को अक्सर पुराने कंप्यूटर, टीवी और औद्योगिक कचरे को रीसायकल करके बनाया जाता है। इसे गहरा काला रंग देने और आग से बचाने के लिए इसमें 'डेकाबीडीई' (DecaBDE) जैसे अग्निरोधी (Flame Retardants) रसायन मिलाए जाते हैं। जब इन डिब्बों में गर्म या तैलीय खाना रखा जाता है, तो ये रसायन भोजन में मिल जाते हैं। इसके अलावा, इनमें बीपीए (BPA) और थैलेट्स जैसे खतरनाक तत्व होते हैं, जो शरीर के हार्मोन्स को असंतुलित कर देते हैं। लंबे समय तक इनका उपयोग करने से ये विषैले पदार्थ शरीर के अंगों में जमा होने लगते हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? कैंसर और हृदय रोगों का बढ़ रहा है खतरा
वर्ष 2024 में हुए एक चौंकाने वाले अध्ययन में पाया गया कि लगभग 85% काले प्लास्टिक उत्पादों में जहरीले अग्निरोधी रसायन मौजूद थे। विख्यात चिकित्सक डॉ. अरविंद बदिगर और डॉ. सचिन त्रिवेदी के अनुसार, इन रसायनों के लगातार संपर्क में रहने से न केवल कैंसर का जोखिम बढ़ता है, बल्कि हृदय रोग, मधुमेह (Diabetes) और प्रजनन संबंधी गंभीर समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। प्रोफेसर चिंतामणि का कहना है कि माइक्रोप्लास्टिक के ये सूक्ष्म कण शरीर के भीतर पहुँचकर टॉक्सिन्स की मात्रा बढ़ा देते हैं, जिसका सीधा असर हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है।
किसे है सबसे ज्यादा खतरा? भूलकर भी न करें ये गलती
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इन जहरीले डिब्बों का सबसे बुरा असर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार व्यक्तियों पर पड़ता है। भले ही कैंसर से इसका सीधा संबंध अभी शोध का विषय हो, लेकिन इसमें मौजूद कार्सिनोजेनिक तत्व किसी बड़े खतरे से कम नहीं हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि खाना पैक करने या गर्म करने के लिए प्लास्टिक के बजाय स्टील, कांच (Glass) या लकड़ी के बर्तनों का ही उपयोग करें। प्लास्टिक का त्याग करना ही सेहतमंद रहने का एकमात्र सुरक्षित रास्ता है।




