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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : राष्ट्रीय राजमार्गों पर अब टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने निर्देश दिए हैं कि टोल टैक्स का भुगतान केवल यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों जैसे फोनपे, पेटीएम, गूगल पे से ही किया जाएगा।

फास्टैग न होने पर अतिरिक्त शुल्क
NHAI ने स्पष्ट किया है कि जिन वाहनों में फास्टैग नहीं लगा है या रिचार्ज समाप्त हो चुका है, उन्हें टोल टैक्स की निर्धारित राशि से 25 प्रतिशत अधिक भुगतान करना होगा। पहले ऐसे वाहनों से कैश में दोगुना शुल्क वसूला जाता था। अधिकारियों ने वाहन चालकों को जल्द से जल्द फास्टैग लगवाने की सलाह दी है, ताकि अतिरिक्त भुगतान से बचा जा सके।

मुजफ्फरपुर के सभी टोल प्लाजा डिजिटल
परियोजना कार्यान्वयन इकाई मुजफ्फरपुर क्षेत्र के सभी टोल प्लाजा—जैसे मनियारी और मैठी—पर QR कोड चस्पा कर डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू कर दी गई है। प्रतिदिन यहां एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक वाहनों में पहले से ही फास्टैग लगा हुआ है।

यातायात और पारदर्शिता में सुधार
NHAI का मानना है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली से टोल वसूली में पारदर्शिता बढ़ेगी और सड़क पर यातायात भी सुचारू रूप से संचालित होगा। मुजफ्फरपुर-पूर्णिया राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित मैठी टोल प्लाजा पर भारी वाहन चालकों की बड़ी संख्या ने डिजिटल भुगतान अपनाना शुरू कर दिया है।