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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मध्य पूर्व (Middle East) में हालात बेहद विस्फोटक हो गए हैं। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े भीषण सैन्य संघर्ष के कारण खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने तत्काल प्रभाव से मोर्चा संभाल लिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में एक 'विशेष नियंत्रण कक्ष' (Special Control Room) स्थापित किया है, जो युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सहायता के लिए 12 घंटे सक्रिय रहेगा।

विदेश मंत्रालय ने संभाली कमान, दिल्ली में बना स्पेशल कंट्रोल रूम

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को इस महत्वपूर्ण कदम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए यह कंट्रोल रूम सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक संचालित होगा। इसका प्राथमिक उद्देश्य वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनके परिजनों के सवालों के जवाब देना है।

इन नंबरों पर मांग सकते हैं मदद: नोट कर लें हेल्पलाइन लिस्ट

भारत सरकार ने इमरजेंसी के लिए कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। यदि आपके कोई परिजन इन देशों में हैं, तो आप इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

नई दिल्ली कंट्रोल रूम: +91 11 2301 2113, +91 11 2301 4104, +91 11 2301 7905

टोल फ्री नंबर: 1800118797

देशवार दूतावासों के आपातकालीन नंबर

संकट की इस घड़ी में विभिन्न खाड़ी देशों में स्थित भारतीय दूतावासों ने भी अपने इमरजेंसी लाइन खोल दिए हैं:

इजराइल: +972 54 7520711, +972 54 2428378

ईरान: +98 9128109115, +98 912810910

संयुक्त अरब अमीरात (UAE): +971 543090571 (WhatsApp), 800 46342

सऊदी अरब (रियाद): +966 11 4884697, 800 247 1234

ओमान: +968 98282270 (WhatsApp), 80071234

कतर: +974 55647502

लेबनान: +961 76860128

कुवैत: +965 65501946

28 फरवरी से दहक रहा है मध्य पूर्व, ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत के बाद बढ़ा तनाव

बता दें कि इस महायुद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर एक के बाद एक कई बड़े हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के मारे जाने की खबर है। ईरानी मीडिया द्वारा खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में प्रतिशोध की आग भड़क उठी है। ईरान अब खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली संपत्तियों को निशाना बना रहा है, जिससे हालात बेकाबू हो गए हैं।