Prabhat Vaibhav,Digital Desk : ज्योतिष और रत्न शास्त्र (Gemology) में रत्नों को ग्रहों की ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यदि कुंडली के कमजोर ग्रहों को रत्नों के जरिए बल दिया जाए, तो जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो सकती हैं। अक्सर कड़ी मेहनत के बावजूद व्यापार (Business) में घाटा या करियर में रुकावट आती है। ऐसी स्थिति में सही रत्न का चुनाव किसी वरदान से कम नहीं होता। रत्न शास्त्र के अनुसार, कुल 9 मुख्य रत्न और 84 उप-रत्न बताए गए हैं, जो करियर और धन वृद्धि में सहायक होते हैं।
1. पन्ना (Emerald): बुद्धि और व्यापार का स्वामी
पन्ना रत्न को बुध ग्रह (Mercury) का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, शिक्षा और व्यापार का कारक ग्रह माना गया है।
किसे पहनना चाहिए: जो लोग शेयर बाजार, मार्केटिंग, व्यापार या शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति चाहते हैं, उनके लिए पन्ना बेहद लाभकारी है।
पहनने की विधि: इसे बुधवार के दिन सोने या चांदी की अंगूठी में जड़वाकर हाथ की सबसे छोटी उंगली (कनिष्ठा) में धारण करना चाहिए। पहनने से पहले इसे गंगाजल से शुद्ध कर बुध मंत्रों का जाप करना शुभ होता है।
2. लाल मूंगा (Red Coral): साहस और नेतृत्व का प्रतीक
लाल मूंगा मंगल ग्रह (Mars) से संबंधित है। यदि कुंडली में मंगल कमजोर हो, तो व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी होती है और करियर में बाधाएं आती हैं।
किसे पहनना चाहिए: नेतृत्व क्षमता (Leadership) बढ़ाने और साहसी निर्णय लेने के लिए मूंगा धारण किया जाता है। यह निर्णय लेने की क्षमता में सुधार लाता है।
पहनने की विधि: इसे मंगलवार के दिन सोने, चांदी या तांबे में पहनना चाहिए। पुरुषों को इसे दाहिने हाथ की अनामिका (Ring Finger) और महिलाओं को बाएं हाथ की अनामिका उंगली में पहनना चाहिए।
3. जेड स्टोन (Jade): एकाग्रता और आय में वृद्धि
जेड स्टोन को सफलता और समृद्धि का रत्न माना जाता है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो अपने करियर में नए मुकाम हासिल करना चाहते हैं।
फायदे: यह रत्न आत्मविश्वास बढ़ाने, सही निर्णय लेने और आय के नए स्रोत (Income Sources) खोलने में मदद करता है। इसके साथ ही यह व्यक्तित्व में आकर्षण और काम के प्रति एकाग्रता भी बढ़ाता है।
सावधानी: बिना सलाह के न पहनें रत्न
रत्न शास्त्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि बिना किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह के कोई भी रत्न धारण नहीं करना चाहिए। गलत रत्न या गलत विधि से पहना गया पत्थर शुभ के बजाय अशुभ परिणाम भी दे सकता है। रत्न पहनने से पहले अपनी कुंडली का विश्लेषण कराना अनिवार्य है ताकि वह आपके अनुकूल फल दे सके।




