Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। ह्वाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता को स्वीकार करते हुए उसे एक "मजबूत दुश्मन" बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अब उतना शक्तिशाली नहीं रहा जितना वह एक महीने पहले था। ट्रंप ने युद्ध को समाप्त करने की शर्तों और ईरान के भविष्य को लेकर बेहद कड़े संकेत दिए हैं।
"दुश्मन सक्षम है, लेकिन हमारी सेना महान"
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के सैनिकों की तारीफ करते हुए कहा कि जब दुश्मन कमजोर होता है तो लड़ना आसान होता है, लेकिन यहां मुकाबला एक सक्षम प्रतिद्वंद्वी से है। उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिकी सेना के हालिया ऑपरेशनों का उदाहरण देते हुए कहा, "हमारी सेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली शक्ति है। मैंने अपने पहले कार्यकाल में इसे जो मजबूती दी थी, उसका इतना व्यापक उपयोग दूसरे कार्यकाल में करना पड़ेगा, यह मैंने सोचा नहीं था।"
ईरान का शांति प्रस्ताव: "पूरी तरह मंजूर नहीं, पर अहम है"
युद्ध को समाप्त करने की संभावनाओं पर ट्रंप ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ईरान ने अमेरिका को शांति वार्ता का प्रस्ताव भेजा है। ट्रंप के अनुसार:
यह प्रस्ताव पूरी तरह संतोषजनक नहीं है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अमेरिका जल्द ही इस युद्ध पर अंतिम निर्णय (Final Decision) ले सकता है।
यदि ईरान ने आत्मसमर्पण (Surrender) नहीं किया, तो अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों (Power Plants) और बुनियादी ढांचे जैसे पुलों को पूरी तरह तबाह कर देगा।
परमाणु हथियारों पर नो कॉम्प्रोमाइज: "पागल के हाथ में बम नहीं दे सकते"
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपने सख्त रुख को फिर दोहराया। उन्होंने कहा, "हम ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देंगे। वे पागलपन की हद तक अड़े हुए हैं, और किसी पागल व्यक्ति के हाथ में परमाणु बम नहीं दिया जा सकता।" ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की मौजूदा व्यवस्था इतनी टूट चुकी है कि उसे खुद को फिर से खड़ा करने में कम से कम 15 साल लगेंगे।
ईरान में नई सरकार और तेल पर नियंत्रण
ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका ने ईरान के भीतर सत्ता परिवर्तन (Regime Change) में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, "वहां की नई सरकार पिछली सरकार की तुलना में अधिक समझदार है।"
तेल पर कब्जा: ट्रंप ने कहा कि उनके पास ईरान के तेल संसाधनों को पूरी तरह जब्त करने की शक्ति है।
जनता का दबाव: उन्होंने स्वीकार किया कि अमेरिकी जनता अब चाहती है कि उनकी सेना वापस घर लौट आए, और वह भी इस युद्ध को "जल्द से जल्द" खत्म करना चाहते हैं।
F-15 हादसे पर बोले ट्रंप: "ईरान का भाग्य अच्छा था"
ईरान में हाल ही में दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान और उसके बाद चले रेस्क्यू ऑपरेशन पर ट्रंप ने कहा कि उस मामले में ईरान थोड़ा "किस्मत वाला" रहा। उन्होंने माना कि युद्ध के मैदान में रणनीति के साथ-साथ कभी-कभी भाग्य भी बड़ी भूमिका निभाता है।




