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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : वृंदावन की पावन धरती पर दर्शन की आस लेकर गए जगराओं के श्रद्धालुओं के लिए यमुना की लहरें काल बन गईं। नाव पलटने के इस भीषण हादसे ने पूरे जगराओं शहर को झकझोर कर रख दिया है। किसी ने अपना इकलौता बेटा खोया, तो किसी का पूरा परिवार ही उजड़ गया। जैसे-जैसे हादसे की खबरें शहर में पहुंच रही हैं, हर आंख नम है और गलियों में मातम पसरा हुआ है।

मां-बेटे की मौत से दहला 'बहल' परिवार

हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू गीता कॉलोनी के रहने वाले पवन बहल के परिवार के साथ सामने आया। पवन अपने रिश्तेदारों, पत्नी और दो बेटों के साथ वृंदावन दर्शन के लिए गए थे। यमुना में नाव पलटने से उनकी पत्नी कविता बहल और बड़े बेटे मधुर बहल की मृत्यु हो गई। एक ही झटके में मां-बेटे के चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, एक अन्य परिवार के चरणजीत और उनकी पत्नी पिंकी बहल की मौत ने भी खुशियों को मातम में बदल दिया।

इकलौते बेटे की मौत: मां को अब भी लौटने का इंतजार

जगराओं के नौजवान ईशान कटारिया की मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। ईशान अपने माता-पिता का इकलौता सहारा था। परिवार के सदस्यों की हालत इतनी खराब है कि उन्होंने अभी तक ईशान की मां को इस मनहूस खबर के बारे में नहीं बताया है। वे अब भी अपने बेटे की सलामती की दुआ कर रही हैं, जबकि हकीकत बेहद कड़वी हो चुकी है। चौथे परिवार का एक और नौजवान अभी भी लापता है, जिसके लिए खोजबीन जारी है।

श्री बाला जी धाम में उमड़ा शहर, नम आंखों से की प्रार्थना

हादसे की खबर मिलते ही जगराओं के श्री बाला जी धाम मंदिर में शहर के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। मंदिर समिति के नेतृत्व में एक विशाल प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसमें राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मौन रखा और ईश्वर से प्रार्थना की कि जो लोग लापता हैं, वे सकुशल मिल जाएं और जो घायल हैं, वे जल्द स्वस्थ होकर घर लौटें।

राहत कार्यों के लिए पूर्व विधायक ने किया संपर्क

घटना की गंभीरता को देखते हुए जगराओं के पूर्व विधायक एसआर कालेर भी मंदिर पहुंचे और प्रशासन से संपर्क साधा। उन्होंने वृंदावन के स्थानीय विधायक से फोन पर बात कर आग्रह किया कि जगराओं के पीड़ित परिवारों को हर संभव सहयोग और सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने जिला और जगराओं प्रशासन के अधिकारियों से भी बात कर शवों को वापस लाने और घायलों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

यमुना का यह हादसा जगराओं के इतिहास में एक ऐसा जख्म दे गया है, जिसे भरने में लंबा समय लगेगा।