Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की चिंगारी अब शोले में बदलने वाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर चल रहे विवाद में ईरान को आखिरी चेतावनी दे दी है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सोमवार, 6 अप्रैल 2026 तक ईरान के साथ कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, तो मंगलवार यानी 7 अप्रैल को अमेरिका ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर देगा।
7 अप्रैल को मनेगा 'पावर प्लांट और ब्रिज दिवस'
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को दहला देने वाली धमकी दी है। उन्होंने लिखा कि 7 अप्रैल को ईरान में 'पावर प्लांट दिवस' और 'ब्रिज दिवस' मनाया जाएगा। ट्रंप का यह इशारा साफ है कि अमेरिकी मिसाइलें ईरान के बिजली घरों और प्रमुख पुलों को निशाना बनाने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका ने कुर्द विद्रोहियों को जो हथियार दिए थे, वे अभी भी सक्रिय हैं और ईरान के भीतर भारी तबाही मचा सकते हैं।
'सब कुछ तबाह कर दो और तेल छीन लो'
'फॉक्स न्यूज' को दिए एक बेबाक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि फिलहाल बातचीत जारी है और उन्हें 6 अप्रैल को समझौते की उम्मीद है। लेकिन साथ ही उन्होंने अपने मंसूबे साफ करते हुए कहा, "अगर वे जल्द नहीं माने, तो हमारे पास एक ही रास्ता बचेगा—सब कुछ उड़ा दो और उनके कच्चे तेल पर कब्जा कर लो।" ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका अब केवल बातचीत के भरोसे नहीं बैठेगा और जरूरत पड़ने पर सैन्य ताकत के दम पर वैश्विक तेल मार्ग को बहाल कराएगा।
ईरानी सीमा में 7 घंटे का 'डेयरडेविल' रेस्क्यू ऑपरेशन
राष्ट्रपति ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी वायुसेना के एक कर्नल के नाटकीय बचाव की कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि जब ईरानी सैनिक अमेरिकी पायलट के बेहद करीब पहुंच गए थे, तब अमेरिकी बचाव दल ने ईरानी सीमा के भीतर घुसकर 7 घंटे लंबा ऑपरेशन चलाया। दिनदहाड़े अंजाम दिए गए इस जांबाज मिशन में कर्नल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सैन्य इतिहास के सबसे सफल और जोखिम भरे बचाव अभियानों में से एक बताया है।
ओवल ऑफिस से बड़ी घोषणा और नेतन्याहू का समर्थन
सोमवार, 6 अप्रैल को ट्रंप ओवल ऑफिस में अपने शीर्ष सैन्य कमांडरों के साथ एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान वह ईरान के खिलाफ अंतिम कार्रवाई का रोडमैप दुनिया के सामने रख सकते हैं। इधर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के इस आक्रामक रुख का खुलकर समर्थन किया है। नेतन्याहू ने ट्रंप के साहस की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक सुरक्षा के लिए ईरान की दादागिरी को खत्म करना अनिवार्य है।




