Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में रेल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए रेलवे मित्र योजना शुरू की जा रही है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में रेलवे ट्रैक पर पड़ी लकड़ी, पत्थर या किसी भी वस्तु से होने वाली दुर्घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। रेलवे मित्र ऐसी किसी भी वस्तु की जानकारी रेलवे प्रशासन और जीआरपी को देंगे, जिससे ट्रेनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
रेलवे मित्र योजना से मजबूत होगी सुरक्षा
एडीजी रेलवे प्रकाश डी ने बुधवार को सेंट्रल के कैंट साइड स्थित जीआरपी लाइन परिसर में प्री फैब्रिकेटेड बैरक का उद्घाटन करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक दिन में 3050 से अधिक ट्रेनें चलती हैं, जिनमें औसतन तीन लाख लोग यात्रा करते हैं। ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा नेटवर्क को मजबूत करने के लिए रेलवे मित्र योजना पर कार्य किया जा रहा है।
चोरी और अन्य अपराध पर भी रहेगा कड़ा नियंत्रण
रेलवे सुरक्षा को बढ़ाने के लिए जीआरपी सिपाही अब बॉडी वॉर्न कैमरा और ब्लूटूथ स्पीकर के साथ तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा, रेलवे ट्रैक पर किसी भी वस्तु या संदिग्ध वस्तु की सूचना हेल्पलाइन नंबर 139 और 112 पर दी जा सकती है। इससे दुर्घटनाओं के साथ-साथ चोरी और अन्य अपराधों पर भी नियंत्रण रहेगा।
जीआरपी सिपाहियों को सम्मानित किया गया
डीजी रेलवे ने वर्ष 2025 के कुंभ मेले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 हेड कांस्टेबल और 48 जीआरपी सिपाहियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर डीआईजी पीएसी अतुल शर्मा, आईजी रेलवे एन कोलांची, पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रशांत वर्मा, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे दुष्यंत कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना जीआरपी ओम नारायण सिंह, आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार और सेंट्रल स्टेशन अधीक्षक अवधेश द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इस नई पहल से न केवल ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि यात्रियों का विश्वास भी मजबूत होगा। ग्रामीण इलाकों में रेलवे मित्रों की निगरानी से रेलवे दुर्घटनाओं और अपराधों पर लगाम लगेगी।




