img

Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अगर आप होली के दिन (4 मार्च) नमो भारत ट्रेन या मेरठ मेट्रो से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने त्योहार के मद्देनजर ट्रेनों के संचालन समय में बड़ा बदलाव किया है। बुधवार को होली के रंगोत्सव के कारण मोदीपुरम से सराय काले खां तक नमो भारत और मेरठ के भीतर चलने वाली मेट्रो सेवाएं दिन के समय उपलब्ध नहीं रहेंगी। यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए विभाग ने विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

सुबह 6 से शाम 5 बजे तक सेवाएं पूरी तरह बंद

एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स के अनुसार, होली के पावन पर्व पर सुरक्षा और यात्री सुविधा को देखते हुए 4 मार्च को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक नमो भारत और मेरठ मेट्रो का संचालन बंद रहेगा। 11 घंटे के इस ब्रेक के बाद, शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक सेवाएं दोबारा शुरू की जाएंगी। हालांकि, 3 मार्च (मंगलवार) को ट्रेनें अपने निर्धारित समय (सुबह 6 से रात 10 बजे) के अनुसार ही चलेंगी। अब रविवार के समय में भी कोई बदलाव नहीं होगा।

यात्रियों के लिए स्टेशनों पर लगेंगे खास संकेतक बोर्ड

मेरठ में नमो भारत और मेट्रो के साझा स्टेशनों (मोदीपुरम, बेगमपुल, शताब्दी नगर और मेरठ साउथ) पर यात्रियों की सहूलियत के लिए विशेष बोर्ड लगाए जाएंगे।

नमो भारत और मेट्रो की पहचान: यात्रियों को यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन स्टेशनों से केवल मेरठ मेट्रो मिलेगी और कहां से दिल्ली-गाजियाबाद जाने वाली नमो भारत उपलब्ध होगी।

निकास द्वार की जानकारी: बेगमपुल जैसे बड़े स्टेशनों के गेट पर अब आसपास के प्रमुख बाजारों (जैसे आबूलेन) और कार्यालयों के नाम वाले बोर्ड लगेंगे, ताकि यात्री आसानी से अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।

बेगमपुल स्टेशन पर पार्किंग की किल्लत, भैंसाली में सुरक्षा का डर

नमो भारत की लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही स्टेशनों पर पार्किंग की समस्या भी गहराने लगी है:

बेगमपुल स्टेशन: यहां की अस्थायी पार्किंग की क्षमता केवल 300 दोपहिया वाहनों की है, जो दोपहर 12 बजे तक ही फुल हो गई। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां कम से कम 700 वाहनों की पार्किंग की तत्काल आवश्यकता है। वर्तमान में कार पार्किंग की सुविधा न होने से लोग सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी करने को मजबूर हैं।

भैंसाली स्टेशन: यहां पार्किंग का बोर्ड तो लग गया है, लेकिन अभी तक पर्ची काटने (रसीद) की व्यवस्था शुरू नहीं हुई है। इससे यात्री अपने वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और चोरी का डर बना रहता है।