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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘औद्योगिक उत्तर प्रदेश’ के विजन को यमुना एक्सप्रेसवे पर बड़ी सफलता मिलती दिख रही है। जेवर एयरपोर्ट के नजदीक सेक्टर-33 में विकसित किया जा रहा टॉय पार्क अब तेजी से आकार ले रहा है और प्रदेश को खिलौना उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रहा है।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की पारदर्शी नीतियों और समयबद्ध कार्यप्रणाली के चलते निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ा है। टॉय पार्क के लिए निर्धारित 100 एकड़ भूमि पर कुल 154 भूखंडों में से 143 का आवंटन पूरा हो चुका है, जो प्रदेश की मजबूत औद्योगिक नीति और निवेश अनुकूल माहौल को दर्शाता है।

जमीन पर दिखने लगी परियोजना की रफ्तार

यीडा की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यह परियोजना अब केवल कागजी योजना नहीं रही। अब तक 108 निवेशकों के साथ लीज डीड निष्पादित की जा चुकी है, जबकि 76 निवेशकों को मौके पर कब्जा भी दे दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों का असर साफ नजर आ रहा है—15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं और चार प्रमुख इकाइयों ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।

निवेशकों के लिए तय हुई स्पष्ट समयसीमा

प्राधिकरण ने परियोजना की गति बनाए रखने के लिए 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की है। जिन 19 निवेशकों ने अब तक लीज प्लान जमा नहीं किया है, उन्हें एक माह की समयसीमा दी गई है। इसके साथ ही, टॉय पार्क के दूसरे चरण के विस्तार के लिए बचे हुए 7 भूखंडों के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

वैश्विक स्तर का बनेगा खिलौना उद्योग क्लस्टर

यमुना एक्सप्रेसवे पर विकसित हो रहा यह टॉय पार्क केवल उत्पादन इकाइयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक समग्र औद्योगिक इकोसिस्टम के रूप में उभरेगा। यहां लकड़ी, प्लास्टिक, फैब्रिक और इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के निर्माण के साथ-साथ:

कॉमन फैसिलिटी सेंटर और अत्याधुनिक डिजाइन लैब

पैकेजिंग, टेस्टिंग और लॉजिस्टिक्स के लिए विशेष ढांचा

MSME और स्टार्टअप्स के लिए स्किल डेवलपमेंट व रोजगार के अवसर

इस परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश न सिर्फ चीनी खिलौनों के आयात पर निर्भरता घटाएगा, बल्कि ‘मेड इन इंडिया’ खिलौनों को वैश्विक बाजार में मजबूती से स्थापित करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र आने वाले समय में देश के प्रमुख टॉय मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में पहचाना जा सकता है।