Prabhat Vaibhav,Digital Desk : वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे की आंच लुधियाना तक पहुंच गई है। दुगरी फेस-2 इलाके से धार्मिक यात्रा पर गए श्रद्धालुओं के साथ हुए इस हादसे ने पूरे मोहल्ले को स्तब्ध कर दिया है। एक साथ दस लोगों के डूबने और उनमें से तीन की मौत की खबर जैसे ही दुगरी पहुंची, इलाके में चीख-पुकार मच गई। इस हादसे ने न केवल परिवारों को उजाड़ा है, बल्कि पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ा दी है।
धार्मिक यात्रा बनी काल: गुलाटी दंपत्ति और पड़ोसन की मौत
दुगरी फेस-2 से श्रद्धालुओं का एक समूह जगराओं से चलने वाली बस के जरिए वृंदावन गया था। शुक्रवार को जब ये लोग यमुना पार कर मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी नाव पलट गई।
मृतकों की पहचान: इस हादसे में मोहल्ले के बेहद सम्मानित राकेश गुलाटी, उनकी पत्नी अंजू गुलाटी और पड़ोस में रहने वाली मीनू बंसल की डूबने से मौत हो गई।
लापता: मीनू बंसल की बेटी डिंकी बंसल समेत मोहल्ले के कुल सात लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
गुलाटी परिवार में बेटा मोहित बाहर नौकरी करता है और बेटी शादीशुदा है। माता-पिता के एक साथ चले जाने से बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मोहल्ले की 'एकता समिति' के स्तंभ थे राकेश गुलाटी
पड़ोसियों ने नम आंखों से बताया कि राकेश गुलाटी बहुत ही नेक और धार्मिक प्रवृत्ति के इंसान थे। उन्होंने इलाके में 'एकता समिति' का गठन किया था और हर साल माता की चौकी व सुखमणि साहिब के पाठ जैसे धार्मिक आयोजन करवाते थे। पूरा परिवार हर साल श्रद्धा के साथ वृंदावन माथा टेकने जाता था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि इस बार की यह यात्रा अंतिम साबित होगी।
चीख-पुकार के बीच विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों ने दिया सहारा
हादसे की खबर मिलते ही पीड़ित परिवारों के घर पर रिश्तेदारों और पड़ोसियों का तांता लग गया। स्थानीय विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि कब तक लापता लोगों का सुराग लगता है और मृतकों के शव लुधियाना लाए जाते हैं।
सुरक्षित वापसी के लिए दुआओं का दौर
दुगरी के घरों में आज चूल्हा नहीं जला है। मोहल्ले के लोग स्थानीय मंदिरों और गुरुद्वारों में एकत्रित होकर लापता श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी के लिए अरदास और प्रार्थनाएं कर रहे हैं। प्रशासन और गोताखोरों की टीमें यमुना में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन समय बीतने के साथ परिजनों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।




