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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्कों, पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच तनाव अब पूर्ण युद्ध की स्थिति में बदलता नजर आ रहा है। अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तानी हवाई हमलों का करारा जवाब देते हुए सीमा पर भीषण सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। ताजा जानकारी के मुताबिक, अफ़ग़ान सेना ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर 15 सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया है और इस संघर्ष में 40 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है।

तालिबान का 'ऑपरेशन बदला': रॉकेट और टैंकों से दहला पाकिस्तान

अफ़ग़ान सरकार के प्रवक्ता ज़बीउल्लाह मुजाहिद ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि पाकिस्तान द्वारा अफ़ग़ान नागरिकों पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई है। अफ़ग़ान सेना की '201 खालिद बिन वालिद' और '205 अल बदर' ब्रिगेड ने नांगरहार-खैबर और कुनार-बजौर सीमा पर टैंक, भारी तोपखाने और मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चरों से हमला बोला है। तालिबान का दावा है कि कुनार सीमा पर मारे गए 40 पाकिस्तानी सैनिकों में से 13 के शव अफ़ग़ान सैनिकों के कब्जे में हैं।

पाकिस्तान के हवाई हमलों ने सुलगाई आग

तनाव की शुरुआत 22 फरवरी को हुई, जब पाकिस्तानी वायुसेना के विमानों ने अफ़ग़ानिस्तान के नंगरहार और पटिका प्रांतों में बमबारी की थी। पाकिस्तान का दावा था कि उसने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है, लेकिन इन हमलों में एक ही परिवार के 16 नागरिकों समेत कई महिलाओं और बच्चों की जान चली गई। इस घटना के बाद तालिबान ने कड़ी चेतावनी दी थी, जिस पर अमल करते हुए अब अफ़ग़ान सैनिकों ने सीमावर्ती चौकियों पर मोर्चा खोल दिया है।

भारत ने जताई कड़ी आपत्ति: 'रमजान में ऐसी हरकत निंदनीय'

भारत ने अफ़ग़ानिस्तान की धरती पर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "रमजान के पवित्र महीने में इस तरह की सैन्य कार्रवाई, जिसमें मासूम नागरिकों की जान गई है, बेहद दुखद और निंदनीय है। यह पाकिस्तान की अपनी आंतरिक विफलताओं से ध्यान भटकाने और उसका दोष भारत पर मढ़ने की एक और नाकाम कोशिश है।" भारत ने एक बार फिर अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया है।

सीमा पर हाई अलर्ट: दो ब्रिगेड संभाल रही हैं मोर्चा

मौजूदा स्थिति को देखते हुए सीमा पर तनाव चरम पर है। अफ़ग़ान सेना अब नांगरहार और गोश्ता सीमा के पास कब्जा की गई चौकियों पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। पिछले 48 घंटों से दोनों ओर से रुक-रुक कर भारी गोलीबारी जारी है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह संघर्ष तुरंत नहीं थमा, तो यह पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।