Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार सरकार ने राज्य की पंचायती राज व्यवस्था को जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बुधवार को सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि विभाग में जल्द ही एक विशेष मॉनिटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। इसका उद्देश्य निचले स्तर से लेकर ऊपरी स्तर तक किसी भी तरह की गड़बड़ी, अनियमितता या भ्रष्टाचार को तुरंत पकड़ना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना है।
शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई
मंत्री दीपक प्रकाश ने स्पष्ट किया कि विभाग से जुड़ी किसी भी योजना, निर्माण कार्य या प्रक्रिया में गड़बड़ी की सूचना मिलने पर उसकी जांच की जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। पंचायत स्तर पर काम में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्राम कचहरी को मजबूत बनाने की योजना
सरकार ग्राम कचहरी को सशक्त बनाने पर भी जोर दे रही है। इसके तहत सरपंच, पंच, पंचायत सचिव और न्याय मित्रों को विशेष प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट पर भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य है कि वे दूसरे स्थानों पर चल रही सफल ग्राम कचहरियों से सीख लेकर अपने क्षेत्र में बेहतर काम करें। इससे छोटे-मोटे विवादों का निपटारा गांव में ही होगा और लोगों को थाने और कोर्ट के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे।
नागरिक जागरूकता और न्याय सुलभता
मंत्री ने कहा कि ग्राम स्तर पर न्याय सुलभ कराने के लिए आम नागरिकों को भी जागरूक किया जाएगा। विभाग अभियान चलाकर बताएगा कि ग्राम कचहरी में किन मामलों का समाधान संभव है और वहां आवेदन कैसे किया जा सकता है।
आरटीपीएस कर्मियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस
पंचायती राज विभाग में कार्यरत आरटीपीएस कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे कर्मियों की समय पर उपस्थिति और कामकाज में अनुशासन सुनिश्चित होगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर केंद्रित
मंत्री दीपक प्रकाश ने भरोसा दिलाया कि यह कदम पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को केंद्र में रखते हुए पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करेगा। इसका लक्ष्य है कि गांव की सरकार वास्तव में गांव के भले के लिए काम कर सके और आम जनता को न्याय, सुविधा और विकास की पूर्ण पहुंच मिले।




