घंटों बैठकर काम करने से होती है कमर में अकड़न? रोज 5 मिनट करें ये योगासान
आज के इस डिजिटल और आधुनिक दौर में जहां अधिकांश युवा और पेशेवर लोग वर्क फ्रॉम होम या कॉर्पोरेट ऑफिसों में लैपटॉप के सामने लगातार 8 से 10 घंटे बिना हिले-डुले बैठे रहते हैं, वहीं उनके शरीर में कई तरह की गंभीर शारीरिक समस्याएं जन्म लेने लगी हैं। इनमें सबसे आम और परेशान करने वाली समस्या है कमर की अकड़न (Lower Back Stiffness), रीढ़ की हड्डी में जकड़न, गर्दन का दर्द और लगातार रहने वाला पीठ का भारीपन। घंटों एक ही पोजीशन में कुर्सी पर बैठे रहने से हमारे शरीर की मांसपेशियां सुस्त हो जाती हैं, स्पाइनल डिस्क पर अत्यधिक दबाव पड़ता है और ब्लड सर्कुलेशन बुरी तरह प्रभावित होता है। परिणाम यह होता है कि कम उम्र में ही लोगों को क्रॉनिक बैक पेन और साइटिका जैसी दर्दनाक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि समय रहते इस ओर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या स्पोंडिलोसिस या स्लिप डिस्क का रूप ले सकती है, जिससे बचने के लिए योग और स्ट्रेचिंग को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी हो गया है।
रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने और कमर दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए करें ये बेहद असरदार योगासन
अगर आपके पास भी जिम जाने का समय नहीं है और आप ऑफिस की कुर्सी पर बैठे-बैठे या सुबह के वक्त केवल 5 मिनट निकालकर अपनी कमर की अकड़न को हमेशा के लिए अलविदा कहना चाहते हैं, तो योग विज्ञान में बताए गए कुछ विशेष आसन आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। योग गुरुओं और फिजियोथेरेपिस्ट्स के अनुसार, निम्नलिखित योगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाने में सबसे कारगर साबित होते हैं:
-
मार्जरी आसन और बिटिलासन (Cat-Cow Pose): घुटनों और हाथों के बल जमीन पर आएं। सांस लेते हुए सिर को ऊपर उठाएं और पीठ को नीचे की ओर झुकाएं (Cow Pose), फिर सांस छोड़ते हुए ठुड्डी को छाती से लगाएं और पीठ को ऊपर की ओर गोलाई में उठाएं (Cat Pose)। यह आसन स्पाइन की अकड़न को मिनटों में दूर करता है।
-
भुजंग आसन (Cobra Stretch): पेट के बल लेट जाएं और हथेलियों को छाती के पास रखकर शरीर के ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। यह अभ्यास पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है और डिस्क के दर्द से राहत दिलाता है।
-
बालासन (Child's Pose): घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठें और माथे को जमीन पर टिकाते हुए हाथों को आगे की तरफ फैलाएं। यह आसन मानसिक तनाव के साथ-साथ लोअर बैक के तनाव को पूरी तरह रिलीज कर देता है।
-
पवनमुक्तासन (Wind-Relieving Pose): पीठ के बल लेटकर दोनों घुटनों को छाती की तरफ मोड़ें और हाथों से जकड़ लें। यह पेट की गैस और कमर के निचले हिस्से के दर्द में तुरंत आराम पहुंचाता है।
सिर्फ 5 मिनट का योगा अभ्यास: कैसे बदल सकता है आपकी सिडेंट्री लाइफस्टाइल और बचा सकता है बड़ी बीमारियों से?
अक्सर लोगों का यह सवाल होता है कि क्या वाकई दिनभर में केवल 5 मिनट योग करने से इतनी बड़ी शारीरिक समस्या से राहत मिल सकती है? इसका जवाब है—बिल्कुल! योग का मुख्य उद्देश्य शरीर के भीतर ऊर्जा का संचार करना और दबी हुई नसों को खोलना है। जब आप लगातार घंटों बैठकर काम करते हैं, तो आपकी मांसपेशियां एक ही मुद्रा में फ्रीज हो जाती हैं। ऐसे में ये 5 मिनट के योगासन उन जमी हुई मांसपेशियों में रक्त संचार (Blood Circulation) को तेज कर देते हैं, जिससे कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषण भरपूर मात्रा में मिलता है। इसके नियमित अभ्यास से न केवल आपकी रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है, बल्कि आपकी बैठने की मुद्रा (Posture) में भी सुधार होता है, जिससे भविष्य में रीढ़ की हड्डी से जुड़ी किसी भी बड़ी सर्जरी या गंभीर बीमारी का खतरा न के बराबर रह जाता है।
काम के बीच में रखें इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान: बैठने के सही तरीके से रखें अपनी कमर को हमेशा सुरक्षित
योगासनों के नियमित अभ्यास के अलावा अपनी जीवनशैली में कुछ छोटे-छोटे बदलाव करके भी आप अपनी कमर और पीठ को हमेशा स्वस्थ रख सकते हैं। जब भी आप ऑफिस में काम करें, तो हर 45 से 60 मिनट के बाद अपनी कुर्सी से उठकर कम से कम 2 मिनट के लिए टहलें, जिससे शरीर का पॉश्चर बदले और ब्लड सर्कुलेशन सुचारू रहे। इसके अलावा, अपनी बैठने की कुर्सी ऐसी चुनें जो आपकी रीढ़ की प्राकृतिक बनावट को पूरा सपोर्ट दे और कंप्यूटर स्क्रीन आपकी आंखों की सीध में हो ताकि गर्दन झुकाने की जरूरत न पड़े। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं क्योंकि डिहाइड्रेशन से भी मांसपेशियों में ऐंठन और जकड़न बढ़ती है। इन छोटी-छोटी सावधानियों और रोज़ाना केवल 5 मिनट के योगासन को अपनी आदत बनाकर आप बिना किसी दवा के हमेशा एक स्वस्थ, दर्द-मुक्त और ऊर्जावान जीवन जी सकते हैं।