झारखंड: नंगे पांव साड़ी पहन दौड़ने वाली वायरल कविता महतो का होमगार्ड बनने का सपना टूटा, लॉन्ग-हाई जंप में हुईं फेल

झारखंड: नंगे पांव साड़ी पहन दौड़ने वाली वायरल कविता महतो का होमगार्ड बनने का सपना टूटा, लॉन्ग-हाई जंप में हुईं फेल

झारखंड के ग्रामीण अंचल से निकलकर अपने अदम्य साहस और अनोखे अंदाज से पूरे देश के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रातों-रात छा जाने वाली कविता महतो (Kavita Mahato) का होमगार्ड बनने का सपना आखिरकार टूट गया है। हाल ही में नंगे पांव और पारंपरिक साड़ी पहनकर सरकारी भर्ती प्रक्रिया के तहत आयोजित दौड़ (Physical Efficiency Test) में पुरुषों और अन्य प्रतिभागियों को पछाड़कर पहला स्थान हासिल करने वाली कविता महतो का वीडियो इंटरनेट पर जमकर वायरल हुआ था। हर कोई उनके इस जज्बे और संघर्ष की सराहना कर रहा था और उम्मीद जताई जा रही थी कि वे आसानी से होमगार्ड भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण कर खाकी वर्दी पहनने का अपना सपना पूरा कर लेंगी। हालांकि, शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के अगले और कठिन चरण यानी लॉन्ग जंप (Long Jump) और हाई जंप (High Jump) राउंड में कविता महतो तय मानकों को पूरा करने में असफल रहीं, जिसके चलते उन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर होना पड़ा है। इस दुखद मोड़ के सामने आते ही उनके परिवार, गांव वालों और लाखों फैंस के बीच भारी निराशा छा गई है।

साड़ी में नंगे पांव दौड़ जीतकर बनाई थी सनसनी: जानिए कैसे एक साधारण ग्रामीण महिला बनीं पूरे देश के लिए प्रेरणा का प्रतीक

कविता महतो की यह कहानी केवल एक परीक्षा में पास या फेल होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के सुदूर ग्रामीण इलाकों की महिलाओं के संघर्ष और कभी न हार मानने वाले जज्बे की जीती-जागती मिसाल है। जब गृह रक्षा वाहिनी (Home Guard) की जिला स्तरीय भर्ती रैली का आयोजन किया गया, तो कविता महतो के पास न तो कोई महंगे स्पोर्ट्स शूज थे और न ही एथलेटिक टी-शर्ट या लोअर। अभावों के बीच पली-बढ़ीं कविता ने बिना किसी झिझक के अपनी पारंपरिक साड़ी के पल्लू को कमर में कसकर बांधा और बिना जूतों के नंगे पांव ही दौड़ के ट्रैक पर उतर गईं। उन्होंने अपने से आधी उम्र की दौड़ने वाली प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए 1600 मीटर की कठिन दौड़ सबसे कम समय में पूरी कर ली थी। उनके दौड़ने का वह वीडियो जब सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ, तो उसे करोड़ों लोगों ने देखा और प्रशासनिक अधिकारियों तक ने उनके इस जज्बे की खुलकर तारीफ की थी।

लॉन्ग जंप और हाई जंप के मानक बने बड़ी रुकावट: शारीरिक ट्रेनिंग के अभाव में फिसल गया वर्दी पहनने का सुनहरा मौका

दौड़ में शानदार जीत दर्ज करने के बाद जब कविता महतो को होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण यानी लॉन्ग जंप (लंबी कूद) और हाई जंप (ऊंची कूद) के लिए मैदान में बुलाया गया, तो बिना किसी पेशेवर ट्रेनिंग और अभ्यास के कारण उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, सरकारी भर्ती के सख्त नियमों और तय शारीरिक मानकों में किसी भी अभ्यर्थी को कोई विशेष छूट नहीं दी जा सकती थी। साड़ी पहनकर दौड़ना तो एक पल के लिए संभव हो गया, लेकिन लॉन्ग जंप के लिए जरूरी गति और हाई जंप के लिए सही तकनीक का अभ्यास न होने के कारण कविता महतो निर्धारित दूरी और ऊंचाई को पार नहीं कर सकीं। कई प्रयासों के बावजूद वे अंतिम क्वालिफाइंग मार्क तक पहुँचने में असफल रहीं, जिसके बाद भर्ती बोर्ड के चयनकर्ताओं ने भारी मन से उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया।

निराशा के बीच फिर से उठ खड़े होने का हौसला: कविता महतो बोलीं- 'सपना टूटा है, हिम्मत नहीं; अगली बार दोगुनी मेहनत से आऊंगी'

होमगार्ड भर्ती से बाहर होने के बाद भले ही कविता महतो की आंखों में आंसू थे और उनके गांव में उदासी का माहौल था, लेकिन उनके भीतर का हौसला और विश्वास आज भी पूरी तरह से कायम है। मीडिया से बातचीत करते हुए कविता महतो ने बेहद भावुक लेकिन मजबूत लहजे में कहा कि उन्होंने कभी भी लॉन्ग जंप या हाई जंप का अभ्यास नहीं किया था, जिसके कारण उन्हें इस तकनीक की बारीकियों के बारे में पता नहीं था। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए हार नहीं बल्कि एक बड़ी सीख है। कविता ने दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि वे अब सही तकनीक सीखेंगे, अपनी फिटनेस पर काम करेंगी और जब भी राज्य सरकार की तरफ से अगली पुलिस या होमगार्ड भर्ती आएगी, तो वे पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगी और वर्दी पहनने के अपने सपने को सच करके दिखाएंगी। उनके इस सकारात्मक रुख को देखकर पूरा देश आज भी उनकी हिम्मत को सलाम कर रहा है।