रांची से लेकर जमशेदपुर तक छाए काले बादल, मौसम विभाग ने जारी किया भारी चेतावनी

रांची से लेकर जमशेदपुर तक छाए काले बादल, मौसम विभाग ने जारी किया भारी चेतावनी

झारखंड के आसमान में इन दिनों मौसम का एक बहुत बड़ा और खतरनाक यू-टर्न देखने को मिल रहा है, जिसने राजधानी रांची से लेकर औद्योगिक नगरी जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और हजारीबाग तक के लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार खिली धूप और उमस भरी गर्मी से परेशान आम जनता को भले ही इस बदलाव से तापमान में राहत मिलती दिख रही हो, लेकिन मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी ने प्रशासन और किसानों की नींद उड़ा दी है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए नए वेदर सिस्टम और चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से झारखंड के अधिकांश जिलों में बादويों का डेरा जम चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाली 28 और 29 तारीख को राज्य के कई हिस्सों में मौसम का विकराल रूप देखने को मिलेगा, जिसके लिए पहले से ही एहतियाती कदम उठाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

28 और 29 तारीख को होगी झमाझम मूसलाधार बारिश: वज्रपात और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ आफत बनकर बरसेगा पानी

मौसम विभाग (IMD Ranchi) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 और 29 अक्टूबर को झारखंड के दक्षिणी, मध्य और पूर्वी हिस्सों में मानसून जैसी वापसी या एक नया पश्चिमी विक्षोभ जैसा असर दिखाई देगा। इस दौरान रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और गुमला समेत कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश (Heavy Rainfall Alert) होने की प्रबल संभावना है। बारिश के इस दौर के साथ-साथ बादलों की भयंकर गड़गड़ाहट और बार-बार होने वाले वज्रपात (Thunderstorm & Lightning) ने ग्रामीण इलाकों के किसानों और आम नागरिकों की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की फसल और सब्जियों की खेती को इस बेमौसम मूसलाधार बारिश से भारी नुकसान पहुंचने का अंदेशा जताया जा रहा है, जिससे अन्नदाता बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं।

60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी आंधी-तूफान वाली हवाएं: कच्चे मकानों और पेड़ों को लेकर हाई अलर्ट जारी

केवल भारी बारिश ही नहीं, बल्कि इस चक्रवाती बदलाव के दौरान हवाओं की रफ्तार बेहद डरावनी होने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 28-29 के दौरान झारखंड के कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे (60 KMPH) की रफ्तार से तेज और झक्कड़ हवाएं चलेंगी। इतनी तेज गति से बहने वाली हवाएं कमजोर और कच्चे मकानों की छतों, टीन-शेड, होर्डिंग्स, बिजली के पुराने खंभों और सड़क किनारे खड़े विशाल पेड़ों को उखाड़ फेंकने की पूरी क्षमता रखती हैं। जिला प्रशासन ने राज्य के सभी शहरी और ग्रामीण निकायों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नालों की सफाई और आपातकालीन टीमों की तैनाती तुरंत सुनिश्चित करें। इसके अलावा वाहन चालकों और यात्रा करने वाले लोगों को भी सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के समय किसी सुरक्षित पक्के मकान या शेड के नीचे ही शरण लें।

त्योहारों के सीजन में मौसम की मार: बाजारों की रौनक पर असर और आम जनता के लिए जरूरी सुरक्षा एडवाइजरी

दिवाली और आगामी महापर्व छठ के ठीक मुहाने पर मौसम के इस अचानक यू-टर्न ने बाजारों की रौनक और त्योहारों की तैयारियों पर भी आंशिक ब्रेक लगा दिया है। रांची के मुख्य बाजारों, अल्बर्ट एक्का चौक, अपर बाजार और जमशेदपुर के साकची व बिष्टुपुर मार्केट में खरीदारी करने आने वाले लोगों को बारिश और जलभराव के कारण भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। आपदा प्रबंधन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अगले 72 घंटों तक पूरी तरह सतर्क रहें, बिना किसी बेहद जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें और खराब मौसम के दौरान बिजली के उपकरणों तथा खुले ट्रांसफॉर्मर से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 तारीख के बाद इस सिस्टम का असर धीरे-धीरे कम होगा और आसमान साफ होना शुरू होगा, तब तक सतर्कता ही इस प्राकृतिक आपदा से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।