Prabhat Vaibhav,Digital Desk : केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए उम्मीदवारों के ऐलान के साथ ही इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। पार्टी ने अपने 75 साल के इतिहास में पहली बार एक साथ दो महिला उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है। यूडीएफ (UDF) गठबंधन के प्रमुख घटक दल आईयूएमएल के इस फैसले को केरल की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और पार्टी के भीतर आते वैचारिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इन दो महिला उम्मीदवारों में से एक हिंदू दलित समुदाय से हैं, जो पार्टी के समावेशी और धर्मनिरपेक्ष चेहरे को मजबूती प्रदान कर रही हैं।
कौन हैं वो दो महिलाएं जिन्होंने रचा इतिहास?
पार्टी ने कोझिकोड की पेराम्ब्रा (Perambra) सीट से फातिमा ताहिलिया को टिकट दिया है। फातिमा पूर्व में 'हरिता' (पार्टी की महिला छात्र शाखा) की नेता रह रही हैं और उन्होंने पार्टी के भीतर लैंगिक प्रतिनिधित्व के लिए लंबी आवाज उठाई है। वहीं, कन्नूर जिले की कूथुपरम्बा (Koothuparamba) सीट से जयंती राजन को उम्मीदवार बनाया गया है। जयंती राजन वर्तमान में पार्टी की राष्ट्रीय सहायक सचिव हैं और दलित समुदाय से आती हैं। यह पहली बार है जब आईयूएमएल ने किसी सामान्य निर्वाचन क्षेत्र से एक गैर-मुस्लिम महिला को चुनावी दंगल में उतारा है।
नेतृत्व में बदलाव: कई दिग्गजों के कटे टिकट
सिर्फ महिला प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि इस बार आईयूएमएल की सूची में कई चौंकाने वाले बदलाव भी दिखे हैं। पार्टी ने पीढ़ीगत बदलाव का संकेत देते हुए पूर्व मंत्री डॉ. एमके मुनीर सहित छह मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। मुनीर की जगह कोझिकोड साउथ से फैसल बाबू को मैदान में उतारा गया है। पार्टी के कद्दावर नेता पीके कुन्हालीकुट्टी इस बार वेंगारा के बजाय मलप्पुरम सीट से चुनाव लड़ेंगे। राज्य अध्यक्ष सादिक अली शिहाब थंगल ने कहा कि इस बार युवाओं और नए चेहरों को प्राथमिकता दी गई है ताकि संगठन में नई ऊर्जा का संचार हो सके।
केरल चुनाव 2026: एक नजर में मुख्य बातें
केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल, 2026 को एक ही चरण में होगा, जबकि नतीजों का ऐलान 4 मई को किया जाएगा। आईयूएमएल ने अब तक 27 में से 25 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जिनमें 10 नए चेहरे शामिल हैं। पेराम्ब्रा सीट पर फातिमा ताहिलिया का मुकाबला एलडीएफ के कद्दावर नेता टीपी रामकृष्णन से होगा, जो इस सीट को काफी रोचक बना रहा है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि महिलाओं को तवज्जो देकर मुस्लिम लीग ने न केवल अ
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