Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने वाले 37 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में जहां किसानों के लिए गेहूं के दाम बढ़ाए गए, वहीं मध्यम और छोटे शहरों को 'स्मार्ट' बनाने के लिए 'नवयुग योजना' का शिलान्यास किया गया। ऊर्जा क्षेत्र में हुए बड़े निवेश से आने वाले समय में प्रदेश की जनता को सस्ती बिजली का उपहार भी मिल सकता है।
1. नवयुग नगर पालिका योजना: अब छोटे शहर भी बनेंगे 'स्मार्ट'
प्रदेश के 17 बड़े नगर निगमों की तर्ज पर अब जिला मुख्यालय वाली नगर पालिकाओं का भी कायाकल्प होगा।
विस्तार: इस योजना के तहत 58 जिला मुख्यालय वाले शहरों को कवर किया जाएगा (55 नगर पालिका परिषद और 3 नगर पंचायतें)।
बजट: योजना के लिए 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो अगले 5 वर्षों तक प्रभावी रहेगी।
खासियत: 1.50 लाख से अधिक आबादी वाले 24 निकायों पर विशेष फोकस होगा। यहां 'वन डे गवर्नेंस सेंटर' (एक दिन में नागरिक सेवाएं), डिजिटल मॉनिटरिंग, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण किया जाएगा।
2. बिजली होगी सस्ती: कोयला खदान विकास के लिए ₹2242 करोड़ मंजूर
योगी सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम बढ़ाया है। झारखंड में आवंटित कोल माइन के विकास के लिए 2242.90 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
फायदा: इससे घाटमपुर पावर प्लांट को सस्ता कोयला उपलब्ध होगा।
असर: बिजली उत्पादन की लागत में कमी आएगी, जिससे उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली 80 पैसे प्रति यूनिट तक सस्ती होने का अनुमान है।
3. किसानों को सौगात: गेहूं का नया MSP और बोनस
किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने गेहूं खरीद की नई नीतियों को हरी झंडी दी है।
नया भाव: गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है।
अतिरिक्त लाभ: किसानों को उतराई, छनाई और सफाई के लिए 20 रुपये प्रति कुंतल अलग से दिए जाएंगे।
खरीद का समय: प्रदेश भर के 6500 केंद्रों पर 30 मार्च से 15 जून तक गेहूं की सरकारी खरीद होगी।
4. लखनऊ में बनेगा विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर
राजधानी लखनऊ के बुनियादी ढांचे को ग्लोबल पहचान दिलाने के लिए वृंदावन योजना (सेक्टर-15) में एक भव्य कन्वेंशन सेंटर के निर्माण को मंजूरी मिली है।
लागत: लगभग 1435.25 करोड़ रुपये।
क्षमता: 10 हजार लोगों के बैठने की सुविधा वाला मुख्य हॉल और 2500 की क्षमता वाला ऑडिटोरियम।
लक्ष्य: डेढ़ साल के भीतर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
5. गोरखपुर में तैरता हुआ सोलर प्लांट (Floating Solar)
गोरखपुर को 'स्मार्ट सोलर सिटी' बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है।
चिलुआताल में 80 एकड़ क्षेत्र में 20 मेगावॉट की क्षमता वाला तैरता हुआ सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इससे न केवल बिजली पैदा होगी, बल्कि वाष्पीकरण कम होने से जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले (एक नजर में)
पर्यटन: लखनऊ की ऐतिहासिक 'छतर मंजिल' और 'रोशनुद्दौला' की भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित।
जलापूर्ति: 'उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण जलापूर्ति राज्य नीति-2026' को मंजूरी, जिससे शोधित जल का गैर-पेय कार्यों में पुनः उपयोग होगा।
शहरी विस्तार: बुलंदशहर एवं खुर्जा विकास प्राधिकरण के दायरे में 14 नए गांवों को शामिल किया गया।




