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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : ऑफिस की थकान मिटानी हो या दोस्तों के साथ गपशप, सड़क किनारे स्टॉल से प्लास्टिक के कप या पॉलीथीन में मिलने वाली गर्म चाय हमें बड़ी सुविधाजनक लगती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटी सी सुविधा आपके शरीर में 'धीमा जहर' (Slow Poison) घोल रही है? हालिया शोध और विशेषज्ञों की चेतावनियों ने इस आदत को जानलेवा बताया है। प्लास्टिक के कप में गर्म चाय का एक घूंट आपको कैंसर और बांझपन जैसी लाइलाज बीमारियों के करीब ले जा रहा है।

चाय के साथ शरीर में जा रहे हैं खतरनाक केमिकल्स

अमृता अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. मोहित शर्मा के अनुसार, जब 60 डिग्री सेल्सियस से अधिक गर्म चाय प्लास्टिक के कप या पॉलीथीन में डाली जाती है, तो प्लास्टिक पिघलता नहीं है, लेकिन उसमें से सूक्ष्म रासायनिक तत्व (Leaching) चाय में मिल जाते हैं। इनमें बिस्फेनॉल ए (BPA), थैलेट्स और स्टाइरीन जैसे जहरीले पदार्थ शामिल होते हैं।

हार्मोनल असंतुलन और बांझपन का खतरा

ये रसायन शरीर में प्रवेश कर 'एंडोक्राइन डिसरप्टर' के रूप में काम करते हैं। इसका मतलब है कि ये आपके प्राकृतिक हार्मोनों की नकल करते हैं और उनके संतुलन को बिगाड़ देते हैं।

बांझपन: यह पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और महिलाओं में एस्ट्रोजन के स्तर को प्रभावित कर प्रजनन क्षमता को कम कर सकता है।

मेटाबॉलिज्म: इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है, जिससे मोटापा और टाइप 2 मधुमेह (Diabetes) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

थायरॉइड: थायरॉइड ग्रंथि के कामकाज में बाधा आने से थकान और नींद न आने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

कैंसर और डीएनए को नुकसान

लैबोरेटरी अध्ययनों से पता चला है कि प्लास्टिक से निकलने वाले रसायन शरीर में 'ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस' पैदा करते हैं, जो सीधे हमारे डीएनए (DNA) को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक इस तरह चाय पीने से स्तन (Breast), प्रोस्टेट और थायरॉइड कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है।

IIT खड़गपुर की डराने वाली रिपोर्ट: शरीर में जमा हो रहा है प्लास्टिक

IIT खड़गपुर के वैज्ञानिकों के एक शोध के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति रोजाना डिस्पोजेबल प्लास्टिक कप में चाय पीता है, तो उसके शरीर में साल भर में कई ग्राम माइक्रोप्लास्टिक जमा हो सकते हैं। विदेशों में हुए कुछ शोधों में तो इंसान के मस्तिष्क के ऊतकों (Brain Tissues) में भी प्लास्टिक के सूक्ष्म कण पाए गए हैं, जो बेहद चिंताजनक है।

कैसे बचें? ये हैं सुरक्षित विकल्प

भले ही FSSAI ने फूड-ग्रेड प्लास्टिक को मंजूरी दी हो, लेकिन सड़क किनारे मिलने वाले सस्ते और रीसायकल प्लास्टिक के कप कभी सुरक्षित नहीं होते। इनसे बचने के लिए निम्न उपाय अपनाएं:

कांच या स्टील: हमेशा कांच के गिलास या स्टील के कप का उपयोग करें।

सिरेमिक और मिट्टी: चीनी मिट्टी के बर्तन या मिट्टी के कुल्हड़ सबसे सुरक्षित और इको-फ्रेंडली विकल्प हैं।

अपनी बोतल रखें: ऑफिस में अपनी खुद की स्टील या कांच की बोतल/मग रखें।