Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार की राजनीति इन दिनों पारंपरिक मकर संक्रांति के दही-चूड़ा भोज की वजह से चर्चा में है। इस बार यह आयोजन तेज प्रताप यादव के घर पटना में हुआ, जिसे सिर्फ एक पारिवारिक समारोह न मानकर सियासी चर्चा का हिस्सा भी माना जा रहा है। तेज प्रताप ने अपने घर दही-चूड़ा भोज रखा और उसमें कई बड़े नेताओं को बुलाया।
इस कार्यक्रम में उनके पिता लालू प्रसाद यादव खुद शामिल हुए और कहा कि परिवार से कोई नाराजगी नहीं है और सभी साथ हैं। लालू यादव का आना इस बात का संदेश भी माना जा रहा है कि पुरानी दरारें शायद कुछ हद तक कम हुई हैं।
साधारण भोज की तरह दिखने वाला यह आयोजन राजनीतिक गलियारों में इसलिए भी चर्चा का विषय बना क्योंकि इसमें एनडीए के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया और कुछ नेता वहाँ पहुंचे। इसे बिहार की राजनीति में एक अलग तरह के समीकरण की शुरूआत के तौर पर देखा जा रहा है।
तेज प्रताप यादव ने अपने इस भोज में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा और अन्य नेताओं को भी बुलाया था, जिससे बातचीत का माहौल थोड़ा अलग और सियासी नजर आया। यह पहल कुछ लोगों को मेल-जोल की ओर संकेत लग रही है, जबकि कुछ इसे नए राजनीतिक संकेत के तौर पर ले रहे हैं।
कुल मिलाकर मकर संक्रांति के इस दही-चूड़ा कार्यक्रम ने सिर्फ त्योहार का स्वाद नहीं बढ़ाया, बल्कि बिहार की सियासत में नए सवाल और चर्चाओं को भी जन्म दिया है।




