Prabhat Vaibhav,Digital Desk : आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है। टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल मुकाबला कल, यानी 4 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर खेला जाएगा। इस महामुकाबले में दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। जहां प्रोटियाज टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाने के इरादे से उतरेगी, वहीं कीवी टीम अपने आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म करना चाहेगी। आइए नजर डालते हैं दोनों टीमों के हेड-टू-हेड आंकड़ों और मौजूदा फॉर्म पर।
T20 वर्ल्ड कप का इतिहास: दक्षिण अफ्रीका का एकतरफा दबदबा
जब बात टी20 विश्व कप की आती है, तो आंकड़ों में न्यूजीलैंड की टीम दक्षिण अफ्रीका के सामने असहाय नजर आती है। दोनों टीमें इस टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक 5 बार भिड़ चुकी हैं और दिलचस्प बात यह है कि हर बार जीत दक्षिण अफ्रीका के हाथ लगी है। 2007 से लेकर 2026 के ग्रुप चरण तक, कीवी टीम कभी भी प्रोटियाज को वर्ल्ड कप के मंच पर शिकस्त नहीं दे पाई है। हाल ही में 2026 के मौजूदा टूर्नामेंट में भी जब ये दोनों टीमें टकराई थीं, तब दक्षिण अफ्रीका ने 7 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की थी।
कुल टी20 रिकॉर्ड: मार्कराम की सेना का पलड़ा भारी
सिर्फ विश्व कप ही नहीं, बल्कि ओवरऑल टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी दक्षिण अफ्रीका का रिकॉर्ड शानदार है।
कुल मैच: 19
दक्षिण अफ्रीका की जीत: 12
न्यूजीलैंड की जीत: 07
ईडन गार्डन्स की पिच और एडन मार्कराम की कप्तानी वाली टीम का मौजूदा संतुलन कीवी टीम के लिए बड़ी चुनौती पेश करने वाला है।
2026 वर्ल्ड कप का सफर: अपराजित है दक्षिण अफ्रीका
इस टूर्नामेंट में अब तक के प्रदर्शन को देखें तो दक्षिण अफ्रीका सबसे संतुलित और घातक टीम बनकर उभरी है। वे अब तक इस विश्व कप में अपराजित (Undefeated) रहे हैं।
ग्रुप चरण: 4 मैचों में 4 जीत (टॉप पर रहे)
सुपर 8: 3 मैचों में 3 जीत (दबदबा कायम रखा)
इसके विपरीत, न्यूजीलैंड का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। कीवी टीम ग्रुप-डी में दूसरे स्थान पर रही थी। सुपर 8 में तो उनके बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन पाकिस्तान की श्रीलंका पर रोमांचक जीत ने उनकी किस्मत खोल दी और वे सेमीफाइनल में पहुंच गए।
ईडन गार्डन्स में क्या होगी रणनीति?
कोलकाता के ईडन गार्डन्स की पिच स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों, दोनों को मदद कर सकती है। दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी इकाई शानदार फॉर्म में है, जबकि न्यूजीलैंड केन विलियमसन के अनुभव और अपने फिनिशर्स पर निर्भर करेगी। आंकड़ों के लिहाज से दक्षिण अफ्रीका जीत की प्रबल दावेदार दिख रही है, लेकिन नॉकआउट मैचों में न्यूजीलैंड की 'फाइटिंग स्पिरिट' को कभी कम नहीं आंका जा सकता।




