Prabhat Vaibhav,Digital Desk : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम स्वाद के चक्कर में अक्सर अपनी सेहत को दांव पर लगा देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी थाली में सजा भोजन यह तय करता है कि भविष्य में आप कितनी गंभीर बीमारियों की चपेट में आएंगे? हाल ही में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने आहार और कैंसर के बीच संबंध पर अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला अध्ययन पेश किया है। 'ब्रिटिश जर्नल ऑफ कैंसर' में प्रकाशित इस शोध के नतीजे बताते हैं कि मांस से दूरी बनाने वाले लोगों में जानलेवा कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
16 साल चली रिसर्च और 18 लाख लोगों का डेटा
यह कोई छोटा-मोटा अध्ययन नहीं है। वैज्ञानिकों ने भारत, ब्रिटेन, अमेरिका और ताइवान के 18 लाख से अधिक लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का लगभग 16 वर्षों तक गहन विश्लेषण किया। इस रिसर्च में मांसाहारी, मछली खाने वाले (पेसिटेरियन), शाकाहारी और वीगन लोगों को शामिल किया गया। शोध के दौरान न केवल खान-पान, बल्कि लोगों के वजन, ऊंचाई (BMI) और उनकी जीवनशैली जैसे महत्वपूर्ण कारकों को भी बारीकी से परखा गया।
शाकाहारियों में इन 5 कैंसर का जोखिम हुआ कम
अध्ययन के आंकड़े गवाही देते हैं कि शाकाहारी भोजन शरीर के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। मांसाहार करने वालों की तुलना में शाकाहारियों में इन पांच प्रकार के कैंसर का खतरा काफी कम पाया गया:
| कैंसर का प्रकार | खतरे में कमी (प्रतिशत) |
|---|---|
| ब्लड कैंसर (रक्त कैंसर) | 31% कम |
| किडनी कैंसर (गुर्दा) | 28% कम |
| पैनक्रियाटिक कैंसर (अग्नाशय) | 21% कम |
| प्रोस्टेट कैंसर | 12% कम |
| ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) | 9% कम |
वैज्ञानिकों के अनुसार, शाकाहारी भोजन हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म (चयापचय) को बेहतर बनाता है। पिछले शोधों में यह भी सामने आया है कि शाकाहारियों के रक्त में एक विशेष प्रोटीन का स्तर कम होता है, जो किडनी कैंसर को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
कोलोन कैंसर पर चौंकाने वाला निष्कर्ष
इस शोध में एक ऐसी बात भी सामने आई जिसने सबको हैरान कर दिया। आमतौर पर माना जाता है कि मांस खाने से कोलोन (आंत) कैंसर का खतरा बढ़ता है, लेकिन इस अध्ययन में पाया गया कि शाकाहारियों और मांसाहारियों, दोनों में यह खतरा लगभग बराबर है। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि शाकाहारियों के सैम्पल साइज कम होने के कारण इस नतीजे को पूरी तरह अंतिम नहीं माना जा सकता और इस पर अभी और रिसर्च की जरूरत है।
सिर्फ शाकाहारी होना काफी नहीं, पोषण भी है जरूरी
प्रमुख शोधकर्ता अरोरा पेरेज़ कॉर्नागो ने एक महत्वपूर्ण सलाह दी है। उनके अनुसार, मांस छोड़ना फायदेमंद है, लेकिन आपका शाकाहारी भोजन पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए। यदि आपके भोजन में विटामिन और मिनरल्स की कमी है, तो फायदे के बजाय नुकसान हो सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स भी लिए जा सकते हैं। यह शोध इस बात पर मुहर लगाता है कि सही खान-पान कैंसर जैसी बीमारियों के खिलाफ आपकी सबसे पहली और मजबूत ढाल है।




