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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : हिंदू कैलेंडर के अनुसार, अक्षय तृतीया का दिन सौभाग्य और कभी न समाप्त होने वाले 'अक्षय' फल का प्रतीक है। साल 2026 में यह महापर्व 19 और 20 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी उच्च राशि में होते हैं, जिससे यह खरीदारी और शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त बन जाता है। हालांकि, सोने की बढ़ती कीमतों के कारण हर कोई आभूषण नहीं खरीद सकता, लेकिन शास्त्रों में ऐसी कई वस्तुओं का उल्लेख है जिन्हें खरीदने पर सोने के समान ही पुण्य और समृद्धि प्राप्त होती है।

सोना नहीं तो क्या? ये विकल्प भी हैं बेहद शुभ

अक्षय तृतीया पर केवल कीमती धातुएं ही नहीं, बल्कि आस्था से जुड़ी छोटी चीजें भी आपके जीवन में खुशहाली ला सकती हैं:

मिट्टी के बर्तन: ज्योतिष शास्त्र में मिट्टी का संबंध मंगल ग्रह से है। इस दिन मिट्टी का घड़ा या कोई बर्तन खरीदना भूमि और भवन सुख में वृद्धि करता है। साथ ही, यह जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और स्थिरता लाता है।

साबुत धनिया: अगर आप महंगी धातुएं नहीं खरीद पा रहे हैं, तो मात्र कुछ रुपयों का साबुत धनिया खरीदना भी सोने के समान शुभ माना गया है। धनिया देवी लक्ष्मी का प्रिय है और इसे धन का प्रतीक माना जाता है। अक्षय तृतीया पर धनिया खरीदकर पूजा में रखें और फिर अपने खजाने या तिजोरी में रख दें।

पीतल या तांबे के बर्तन: सोने-चांदी के विकल्प के तौर पर पीतल या तांबे की वस्तुएं खरीदना भी अत्यंत शुभ है। ये धातुएं शुद्ध मानी जाती हैं और घर में बरकत लाती हैं।

सूखी हल्दी की गांठ: अक्षय तृतीया पर साबुत हल्दी खरीदना भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद दिलाता है। हल्दी की गांठ खरीदकर उसे लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखने से धन की कमी नहीं होती।

अक्षय तृतीया 2026: मुहूर्त और महत्व

2026 में अक्षय तृतीया का उत्सव दो दिन यानी रविवार और सोमवार को फैल रहा है। इस दिन किए गए दान और निवेश का फल कभी क्षय (समाप्त) नहीं होता। यदि आप नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं या गृह प्रवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह समय सर्वोत्तम है।

विशेष टिप: खरीदारी के साथ-साथ इस दिन जल से भरे घड़े का दान करना या राहगीरों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है, जो आपके भाग्य को जागृत करता है।