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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब सरकार ने अवैध माइनिंग पर नियंत्रण के लिए कई अहम फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब राज्य में रेत-बजरी ढोने वाले सभी वाहनों में GPS सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।

मुख्य बिंदु:

अवैध माइनिंग पर नियंत्रण:

GPS सिस्टम से वाहनों की रियल टाइम ट्रैकिंग संभव होगी।

अवैध माइनिंग करने वालों पर तुरंत शिकंजा कसा जा सकेगा।

मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि सरकार पर विचार करेगी कि वाहनों का रंग एकसमान कर दिया जाए ताकि अवैध वाहनों की पहचान आसान हो।

विशेषज्ञ डॉक्टरों को ऑन-कॉल सुविधा:

सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए 300 डॉक्टरों की इम्पैनलमेंट।

ओपीडी में हर मरीज देखने पर 100 रुपये और इनडोर में भी 100 रुपये का भुगतान।

डॉक्टर दिन में ओपीडी में 50–150 और इनडोर में 2–20 मरीज देख सकेंगे।

मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, सायकेट्री, डर्मेटोलॉजी, चेस्ट/टीबी, सर्जरी, गायनेकोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑप्थैल्मोलॉजी, ईएनटी, एनेस्थिसियोलॉजी समेत 12 कैटेगरी में विशेषज्ञ।

सीमावर्ती जिलों में इंसेंटिव:

बॉर्डर जिलों में डॉक्टर और शिक्षकों को पोस्टिंग के लिए प्रोत्साहन।

विभागीय अधिकारियों को प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश।

सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 में संशोधन:

लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाली सोसाइटियों पर निगरानी।

हर समिति का ऑडिट अनिवार्य और प्रबंधक नियुक्ति का अधिकार रजिस्टर को।

माइनिंग विभाग में एपिलेट अथॉरिटी:

अब सुपरिटेंडेंट इंजीनियर द्वारा अपील मामलों का निपटान।

इससे अवैध वाहन पकड़े जाने या अन्य कार्यों में तेजी आएगी।

इन निर्णयों के माध्यम से सरकार ने अवैध माइनिंग रोकने, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को मजबूत करने तथा सामाजिक धोखाधड़ी पर कड़ी कार्रवाई करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।