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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पाकिस्तान क्रिकेट में इन दिनों भूचाल आया हुआ है। हार दर हार झेल रही पाकिस्तानी टीम के भीतर अब अपनों ने ही बगावत के सुर तेज कर दिए हैं। ताजा विवाद टीम के स्टार तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी को लेकर खड़ा हुआ है। पाकिस्तान के एक पूर्व कप्तान ने शाहीन की फॉर्म और फिटनेस पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से प्लेइंग-11 से बाहर करने की मांग कर दी है। इस बयान ने न केवल पाकिस्तानी क्रिकेट गलियारों में सनसनी मचा दी है, बल्कि आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों से पहले टीम के मनोबल पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।

पूर्व कप्तान का तीखा वार, शाहीन की रफ्तार पर उठाए सवाल

पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज कप्तान ने एक निजी टीवी चैनल पर चर्चा के दौरान शाहीन अफरीदी की मौजूदा गेंदबाजी शैली की कड़ी आलोचना की। उन्होंने तर्क दिया कि शाहीन अब वो पुराने 'स्विंग सुल्तान' नजर नहीं आ रहे हैं जो पहली ही गेंद पर बल्लेबाजों के स्टंप्स उखाड़ देते थे। पूर्व कप्तान का मानना है कि चोट के बाद वापसी करने के बाद से शाहीन की गति (Pace) में भारी गिरावट आई है और वे दिशाहीन गेंदबाजी कर रहे हैं। उनके अनुसार, नाम के आधार पर किसी खिलाड़ी को टीम में ढोना पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य के लिए घातक साबित हो सकता है।

क्या फिटनेस बन रही है शाहीन अफरीदी की सबसे बड़ी दुश्मन?

पिछले कुछ समय से शाहीन अफरीदी बार-बार घुटने की चोट और कार्यभार (Workload) के कारण संघर्ष करते देखे गए हैं। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि लगातार क्रिकेट खेलने की वजह से उनकी गेंदबाजी में वो पैनापन खत्म हो गया है जो कभी उनकी पहचान हुआ करता था। पूर्व कप्तान ने साफ लहजे में कहा कि शाहीन को आराम की सख्त जरूरत है और उनकी जगह किसी ऐसे युवा गेंदबाज को मौका दिया जाना चाहिए जो 145+ की रफ्तार से लगातार प्रहार कर सके। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी पाकिस्तानी फैंस दो गुटों में बंट गए हैं।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और चयनकर्ताओं के सामने बड़ी चुनौती

शाहीन अफरीदी पाकिस्तान के स्ट्राइक गेंदबाज हैं और उन्हें प्लेइंग-11 से बाहर करना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं होगा। हालांकि, पूर्व कप्तान की इस चेतावनी ने चयनकर्ताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है। क्या वाकई शाहीन को ब्रेक देकर उनकी पुरानी लय वापस लाने की कोशिश करनी चाहिए या फिर उन्हें लगातार खिलाकर उनकी फिटनेस को और खतरे में डालना चाहिए? इस विवाद ने पाकिस्तानी खेमे के भीतर की कलह को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है। अब देखना यह होगा कि पीसीबी (PCB) इस पूर्व कप्तान की सलाह पर गौर करता है या शाहीन पर अपना भरोसा बरकरार रखता है।