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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : महिलाओं में मासिक धर्म यानी पीरियड्स एक स्वाभाविक और प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है, जो शरीर के स्वास्थ्य और संतुलन के लिए बेहद जरूरी है। अक्सर देखा गया है कि शादी, पूजा-पाठ, त्योहार या किसी लंबी यात्रा के दौरान महिलाएं इस प्रक्रिया को कुछ दिनों के लिए टालना चाहती हैं और इसके लिए 'पीरियड डिलेइंग पिल्स' (Period Delaying Pills) का सहारा लेती हैं। हालांकि ये दवाएं अस्थायी राहत तो देती हैं, लेकिन क्या आप जानती हैं कि बिना डॉक्टरी सलाह के इनका सेवन आपके शरीर के साथ खिलवाड़ करने जैसा है? आइए जानते हैं ये दवाएं कैसे काम करती हैं और इनके खतरनाक दुष्प्रभाव क्या हो सकते हैं।

कैसे काम करती हैं पीरियड रोकने वाली गोलियां?

मासिक धर्म को आगे बढ़ाने वाली इन दवाओं में मुख्य रूप से प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) नामक हार्मोन होता है। यह हार्मोन महिला के शरीर में मासिक चक्र को नियंत्रित करता है। जब इन दवाओं का सेवन किया जाता है, तो ये शरीर के प्राकृतिक हार्मोनल चक्र को भ्रमित कर देती हैं। ये दवाएं शरीर को ऐसा संकेत देती हैं जैसे गर्भावस्था की स्थिति हो, जिससे ओव्यूलेशन और ब्लीडिंग अस्थायी रूप से रुक जाती है। आमतौर पर इन्हें पीरियड्स की संभावित तारीख से 3-4 दिन पहले शुरू किया जाता है।

सेहत पर होने वाले 5 बड़े दुष्प्रभाव

हार्मोनल असंतुलन और मूड स्विंग्स: ये दवाएं सीधे आपके शरीर के हार्मोनल सिस्टम पर प्रहार करती हैं। इसके कारण अचानक चिड़चिड़ापन, मूड में बदलाव और बेवजह वजन बढ़ने जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।

अनियमित पीरियड्स की समस्या: एक बार दवा लेकर चक्र को बाधित करने का असर आने वाले कई महीनों तक बना रहता है। इससे भविष्य में पीरियड्स की तारीखें अनिश्चित हो सकती हैं या अत्यधिक रक्तस्राव (Heavy Bleeding) का सामना करना पड़ सकता है।

सिरदर्द, थकान और जी मिचलाना: इन दवाओं का सबसे आम साइड इफेक्ट सिरदर्द और लगातार थकान महसूस होना है। कुछ महिलाओं को शरीर में भारीपन और उल्टी जैसा अनुभव भी होता है।

ब्लड क्लॉट (खून के थक्के) का खतरा: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, ऐसी हार्मोनल दवाओं के बार-बार इस्तेमाल से नसों में खून के थक्के जमने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर उन महिलाओं के लिए यह अधिक जोखिम भरा है जो मोटापे से ग्रस्त हैं या धूम्रपान करती हैं।

प्रजनन क्षमता (Fertility) पर असर: बार-बार हार्मोनल बदलाव करने वाली इन दवाओं के सेवन से ओव्यूलेशन की प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे भविष्य में गर्भधारण (Conceiving) में मुश्किलें आ सकती हैं।

विशेषज्ञों की सलाह

डॉक्टरों का मानना है कि इन दवाओं का सेवन केवल आपातकालीन स्थिति में ही करना चाहिए। यदि दवा लेना अनिवार्य हो, तो हमेशा स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से परामर्श लें। अपनी मर्जी से मेडिकल स्टोर से खरीदकर इन गोलियों का सेवन करना आपके 'रिप्रोडक्टिव हेल्थ' के लिए बड़ा जोखिम साबित हो सकता है।