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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि धाम में आज से वार्षिक मेले का विधिवत आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के टनकपुर स्थित ठूलीगाड़ पहुंचकर मां भगवती के चरणों में मत्था टेका और मेले का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी उनके साथ मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं का आश्वासन दिया।

आस्था और संस्कृति का विराट उत्सव: मुख्यमंत्री धामी

मेले का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मां पूर्णागिरि का यह मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली सनातन संस्कृति, परंपरा और अटूट आस्था का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार केदारखंड और मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत तीर्थ क्षेत्रों के पुनरुद्धार और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मेले में आने वाले देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

स्पोर्ट्स कॉलेज और विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

मेला शुभारंभ के पश्चात मुख्यमंत्री धामी लोहाघाट पहुंचे, जहां उन्होंने छमनिया स्पोर्ट्स मैदान स्थित हेलीपैड पर उतरने के बाद निर्माणाधीन महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और स्टेडियम का निरीक्षण किया। उन्होंने चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत को 'आदर्श जिला' बनाने की दिशा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

होली रंग महोत्सव में करेंगे प्रतिभाग

मुख्यमंत्री के आज के कार्यक्रम काफी व्यस्त हैं। लोहाघाट में विकास कार्यों का जायजा लेने के बाद वे 'काली कुमाऊं होली रंग महोत्सव' में भी शामिल होंगे। कुमाऊं की पारंपरिक होली और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में वे स्थानीय लोगों के साथ रंगों के उत्सव का आनंद लेंगे। शाम को मुख्यमंत्री ऊधम सिंह नगर (खटीमा) के लिए प्रस्थान करेंगे।