Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मांसपेशियों में बार-बार ऐंठन या फड़कन होना मैग्नीशियम की कमी के आम लक्षण हैं। मैग्नीशियम मांसपेशियों को संकुचन के बाद आराम दिलाने में मदद करता है। इस कमी को दूर करने के लिए पालक, बादाम, कद्दू के बीज और केले जैसे मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

मैग्नीशियम की कमी से शरीर में ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। जिसके कारण लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती है। ऊर्जा बढ़ाने के लिए अनाज, एवोकाडो और डार्क चॉकलेट को आहार में शामिल किया जा सकता है।

अगर आपको सोने में परेशानी हो रही है या आपकी नींद बार-बार टूटती है, तो इसका कारण मैग्नीशियम की कमी हो सकती है। यह खनिज शरीर को शांत रखता है और मेलाटोनिन हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद करता है। सोने से पहले एक गिलास दूध पीने से मैग्नीशियम और कैल्शियम का स्तर स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है।

मैग्नीशियम नसों को आराम देने और रक्त प्रवाह को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से बार-बार सिरदर्द या माइग्रेन हो सकता है। हरी पत्तेदार सब्जियों, दालों और अनाजों का नियमित सेवन नसों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।

यदि आप समय रहते इन लक्षणों को पहचान लें और उचित आहार अपनाएं, तो आप मैग्नीशियम की कमी से बच सकते हैं और अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं।



